जनभागीदारी अभियान के तहत उत्क्रमित उच्च विद्यालय नबीनगर के कक्षा 9 के छात्रों ने किया लैब का दौरा
केमिस्ट ने पानी में फ्लोराइड, आयरन, पीएच मान व टीडीएस जांच के बताए व्यावहारिक तरीके
मो० काजीरुल शेख
पाकुड़: पेयजल की शुद्धता और स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत स्कूली बच्चों को जल परीक्षण की बारीकियों से रूबरू कराया गया। 02 से 15 अक्टूबर 2026 तक चलने वाले जनभागीदारी अभियान के अंतर्गत जिला जल एवं स्वच्छता समिति, पाकुड़ की ओर से उत्क्रमित उच्च विद्यालय, नबीनगर के कक्षा 9वीं के विद्यार्थियों के लिए जिला स्तरीय जल जांच प्रयोगशाला में एक दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण (एक्सपोजर विजिट) का आयोजन किया गया।भ्रमण के दौरान लैब केमिस्ट नंद किशोर साहा ने छात्र-छात्राओं को जल के नमूने लेने के सही तरीके और उसके विभिन्न मानकों की जांच का प्रत्यक्ष प्रदर्शन करके दिखाया। विद्यार्थियों ने पानी का पीएच मान, मटमैलापन (टर्बिडिटी), कुल कठोरता, क्षारीयता, क्लोराइड, अमोनिया, फॉस्फेट, अवशिष्ट क्लोरीन, नाइट्रेट, फ्लोराइड और लौह तत्व (आयरन) की अधिकतम मात्रा की जांच करने की वैज्ञानिक विधि समझी। इसके साथ ही प्रयोगशाला में अपनाए जाने वाले सुरक्षा नियमों की जानकारी भी साझा की गई।कार्यक्रम में उपस्थित विद्यालय के प्रधानाध्यापक शमशेर आलम ने कहा कि इस प्रकार के व्यावहारिक भ्रमण से छात्रों में विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ती है और वे अपने गांव व घर में शुद्ध पेयजल के महत्व को बेहतर ढंग से समझ पाते हैं। वहीं जिला समन्वयक (आईईसी) इमरान आलम ने बच्चों को जल संरक्षण और दूषित जल से होने वाली बीमारियों से बचाव के प्रति जागरूक किया।इस अवसर पर प्रयोगशाला के सभी कर्मी, जल सहिया ऐलिना मुर्मू, बिटिया टुडू, चूंडकि मुर्मू तथा विद्यालय के शिक्षक व दर्जनों छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।







