एक नवंबर को दो पालियों में होगी शिक्षक पात्रता परीक्षा, अभिभावकों के प्रवेश पर भी रोक; उल्लंघन करने पर होगी कानूनी कार्रवाई।
पाकुड़। झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET)-2026 को शांतिपूर्ण और कदाचारमुक्त संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। जिले के सभी 30 परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर की परिधि में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। अनुमंडल दंडाधिकारी, पाकुड़ ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा-163 के तहत यह आदेश जारी किया है। इसके तहत परीक्षा केंद्रों के आसपास भीड़ जुटाने, सभा करने, जुलूस निकालने और हथियार लेकर चलने पर प्रतिबंध रहेगा।
झारखंड अधिविद्य परिषद, रांची की ओर से 1 नवंबर (रविवार) को परीक्षा आयोजित की जाएगी। परीक्षा दो पालियों में होगी। पहली पाली सुबह 9:30 से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 2 बजे से शाम 4:30 बजे तक निर्धारित है। प्रशासन ने परीक्षा के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
अभिभावकों को केंद्र के आसपास भी नहीं मिलेगी अनुमति।
जारी आदेश के अनुसार परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में पांच या उससे अधिक व्यक्तियों के एकत्र होने पर रोक रहेगी। इस क्षेत्र में लाठी, डंडा, भाला, तलवार, गड़ासा, फरसा और आग्नेयास्त्र लेकर चलने की अनुमति नहीं होगी। जुलूस, रैली, सभा और धरना-प्रदर्शन भी प्रतिबंधित रहेंगे। परीक्षा कार्य में लगे अधिकारियों, कर्मचारियों, पुलिस बल और परीक्षार्थियों को छोड़कर अन्य व्यक्तियों का निषेधाज्ञा क्षेत्र में प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। परीक्षार्थियों के अभिभावकों को भी परीक्षा केंद्र की परिधि में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। किसी अभ्यर्थी को अनुचित तरीके से सहायता पहुंचाने पर भी रोक लगाई गई है।
30 केंद्रों पर होगी परीक्षा।
जिले में केकेएम कॉलेज, पाकुड़ पॉलीटेक्निक कॉलेज, डिस्ट्रिक्ट सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस, हरिणडंगा उच्च विद्यालय, रानी ज्योतिर्मयी बालिका उच्च विद्यालय, डीएवी पब्लिक स्कूल, दिल्ली पब्लिक स्कूल, संत जोसेफ स्कूल, महिला कॉलेज और मॉडल कॉलेज सहित कुल 30 केंद्र बनाए गए हैं। इसके अलावा हिरणपुर, लिट्टीपाड़ा और पाकुड़ प्रखंड के विभिन्न विद्यालयों में भी परीक्षा आयोजित होगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा-223 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी और पुलिस पदाधिकारियों को परीक्षा परिषद के दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी दी गई है। जिला प्रशासन ने अभ्यर्थियों और आम नागरिकों से अपील की है कि परीक्षा के दौरान जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।






