Search

November 2, 2026 1:46 am

सुरक्षा मांगने थाने पहुंची महिला से पुलिसकर्मी ने किया दुष्कर्म, महकमे में हड़कंप

वायरलेस ऑपरेटर समेत तीन गिरफ्तार, लापरवाही के आरोप में नौ पुलिसकर्मी निलंबित; एसआईटी कर रही मामले की जांच।

सरायकेला। जिस पुलिस थाने में महिलाओं को सुरक्षा और न्याय मिलना चाहिए, वहीं एक महिला के साथ दुष्कर्म का गंभीर आरोप सामने आया है। पति की मारपीट के डर से गम्हरिया थाना पहुंची महिला के साथ थाने के ही वायरलेस ऑपरेटर द्वारा दुष्कर्म किए जाने का मामला सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने एसआईटी गठित कर जांच कराई। अब तक तीन पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है, जबकि महिला की सुरक्षा सुनिश्चित करने में विफल रहने और कर्तव्य के प्रति लापरवाही बरतने के आरोप में नौ पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। पुलिस की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, पीड़िता ने 31 अक्टूबर को गम्हरिया थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया कि 29 अक्टूबर की रात पति के साथ कहासुनी के बाद उन्हें मारपीट का डर सताने लगा। इसके बाद वह घर छोड़कर पड़ोस में रहने वाली एक महिला के पास पहुंचीं और थाना में फोन करने का अनुरोध किया। सूचना पर पहुंची पीसीआर वैन उन्हें रात करीब 12 बजे गम्हरिया थाना ले आई। आरोप है कि थाने में तैनात पुलिस पदाधिकारी ने उन्हें बगल के कमरे में आराम करने के लिए कहा। इसी दौरान थाने में पदस्थापित वायरलेस ऑपरेटर नीरज लकड़ा ने उनके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता की शिकायत पर गम्हरिया थाना कांड संख्या 86/26 दर्ज कर पुलिस ने कार्रवाई शुरू की। प्रारंभिक जांच में नीरज लकड़ा को गिरफ्तार किया गया।

एसआईटी जांच में दो और पुलिसकर्मी शिकंजे में।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, सरायकेला के नेतृत्व में एसआईटी गठित की गई। जांच के दौरान पुलिस अवर निरीक्षक मनोज कुमार साहू और आरक्षी संतोष कुमार राय को भी गिरफ्तार किया गया। दोनों को न्यायिक हिरासत में भेजने की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस मामले के अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।

नौ पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई, पुलिस केंद्र भेजे गए।

जांच प्रतिवेदन के आधार पर गम्हरिया थाना के नौ पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है। इनमें दो पुलिस अवर निरीक्षक, चार सहायक अवर निरीक्षक, दो हवलदार और एक आरक्षी शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, इन कर्मियों ने पूरे घटनाक्रम में अपेक्षित सतर्कता और जिम्मेदारी नहीं बरती। थाना परिसर में महिला की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं करना गंभीर लापरवाही है। सभी निलंबित कर्मियों को पुलिस केंद्र सरायकेला वापस कर दिया गया है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय ने भी माना है कि इस घटना से पुलिस विभाग की छवि धूमिल हुई है और आम लोगों के बीच पुलिस की विश्वसनीयता प्रभावित हुई है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि जिस थाने में एक महिला सुरक्षा की उम्मीद लेकर पहुंची थी, उसी परिसर में उसकी सुरक्षा क्यों नहीं हो सकी।

Leave a Comment

लाइव क्रिकेट स्कोर
error: Content is protected !!