गम्हरिया दुष्कर्म कांड को लेकर सरकार पर चौतरफा हमला, आरोपी को फांसी और हेमंत सोरेन से इस्तीफे की मांग; उर्मिला राउत व मीरा प्रवीण सिंह ने आंदोलन तेज करने की दी चेतावनी।
पाकुड़। झारखंड में महिला सुरक्षा के मुद्दे पर भाजपा ने रविवार को राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। गम्हरिया थाना क्षेत्र में महिला के साथ दुष्कर्म की घटना को लेकर पाकुड़ और लिट्टीपाड़ा में भाजपा कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन कर आक्रोश जताया। प्रदर्शनकारियों ने आरोपी पुलिसकर्मी नीरज लकड़ा को फांसी की सजा देने, पीड़िता को न्याय दिलाने और राज्य में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। पाकुड़ में भाजपा महिला मोर्चा के नेतृत्व में आयोजित प्रदर्शन में पार्टी नेताओं ने सरकार को महिला सुरक्षा के मुद्दे पर घेरा। पूर्व प्रदेश मंत्री उर्मिला राउत ने कहा कि राज्य में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं और लगातार सामने आ रही घटनाएं सरकार की संवेदनशीलता पर सवाल खड़े कर रही हैं। उन्होंने दो टूक कहा कि महिलाओं को न्याय मिलने तक भाजपा का संघर्ष जारी रहेगा। प्रदेश कार्यसमिति सदस्य मीरा प्रवीण सिंह ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए चेतावनी दी कि आरोपी को कठोर सजा नहीं मिली तो महिला मोर्चा इससे भी बड़ा आंदोलन करेगा। भाजपा जिला महामंत्री रूपेश कुमार भगत ने आरोप लगाया कि पीड़िता घरेलू विवाद में न्याय की गुहार लगाने थाने पहुंची थी, लेकिन वहीं उसके साथ दुष्कर्म की घटना हुई। उन्होंने इसे कानून-व्यवस्था के साथ महिला सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल बताया। उधर, लिट्टीपाड़ा में मंडल अध्यक्ष बाणेश्वर सोरेन और विचामहल मंडल अध्यक्ष धनेश्वर कुमार साहा के नेतृत्व में मुख्यमंत्री का पुतला फूंका गया। भाजपा के वरिष्ठ नेता साहेब हांसदा ने राज्य सरकार को कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर विफल बताते हुए मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि सरकार महिलाओं को सुरक्षा नहीं दे सकती तो उसे सत्ता में बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं है। प्रदर्शन में भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में महिला सुरक्षा को लेकर सरकार की जवाबदेही तय करने, दोषी को कठोरतम सजा दिलाने और पीड़िता को न्याय देने की मांग उठाई। पाकुड़ में जिला उपाध्यक्ष हिसाबी राय, शर्मिला रजक, पार्वती देवी, पूनम देवी, निधि गुप्ता, रश्मि भगत, मधु देवी, शीला रानी, मनीष राज, कुणाल गौस्वामी, रतन भगत, पंकज साह, दुलाल सिंह, धर्मेंद्र त्रिवेदी, आशीष चौरसिया और अरुण चौधरी सहित दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद थे। लिट्टीपाड़ा में कृष्ण मढ़ैया, राम प्रसाद मंडल, सुनीराम पहाड़िया और रामेश्वर सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन में भाग लिया।








