हाईकोर्ट में जांच पूरी करने के लिए अतिरिक्त 30 दिन की मांग, प्राथमिकी दर्ज करने की तैयारी; अगली सुनवाई 21 जनवरी 2027 को।
रांची। झारखंड के बहुचर्चित पैनम कोल माइंस मामले में जांच की रफ्तार को लेकर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने झारखंड हाईकोर्ट से 30 दिनों का अतिरिक्त समय मांगा है। गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान जांच एजेंसी ने प्रारंभिक जांच पूरी करने के लिए अदालत में अंतरिम आवेदन दाखिल किया। मामले की अगली सुनवाई अब 21 जनवरी 2027 को होगी। पैनम कोल माइंस से जुड़े कथित अवैध खनन और वित्तीय अनियमितताओं की जांच कर रही एसीबी के अनुसार, अब तक की पड़ताल में करीब 637 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितता सामने आई है। जांच के आधार पर प्राथमिकी दर्ज करने की तैयारी भी चल रही है।एजेंसी का कहना है कि प्रारंभिक जांच पूरी करने के लिए उसे कुछ और समय की जरूरत है। दरअसल, हाईकोर्ट ने पिछली सुनवाई के दौरान एसीबी को 5 नवंबर तक जांच रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया था। निर्धारित समय सीमा तक जांच पूरी नहीं होने पर एजेंसी ने 30 दिन का अतिरिक्त समय मांगा है। अब अदालत में अगली सुनवाई के दौरान जांच की प्रगति पर स्थिति स्पष्ट होगी। इस मामले की जड़ें वर्ष 2015 से जुड़ी हैं। दुमका के तत्कालीन प्रमंडलीय आयुक्त ने 19 अक्टूबर 2015 को जांच रिपोर्ट सौंपी थी। इसमें करीब 99 करोड़ रुपये के अवैध खनन के साथ वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताओं का उल्लेख किया गया था। इसके बाद राम सुभग सिंह की ओर से दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए झारखंड हाईकोर्ट ने पूरे मामले की जांच एसीबी को सौंपने का आदेश दिया था। शुरुआती जांच में सामने आए 99 करोड़ रुपये के कथित अवैध खनन से लेकर अब 637 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितता के आंकड़े तक पहुंचा यह मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। फिलहाल, एसीबी की अतिरिक्त समय की मांग पर अदालत में आगे की कार्रवाई का इंतजार है। 21 जनवरी 2027 को होने वाली सुनवाई में जांच की प्रगति और प्राथमिकी दर्ज करने की दिशा में उठाए गए कदमों पर नजर रहेगी।






