तंबाकू मुक्त युवा अभियान 4.0 के तहत सभी शिक्षण संस्थानों को नशामुक्त बनाने की पहल, शिक्षकों को दिया गया प्रशिक्षण।
पाकुड़िया। बच्चों और किशोरों को तंबाकू की गिरफ्त में आने से बचाने के लिए अब स्कूलों के आसपास सख्ती और जागरूकता दोनों पर जोर दिया जाएगा। पाकुड़िया प्रखंड से तंबाकू मुक्त युवा अभियान 4.0 की शुरुआत करते हुए सभी शिक्षण संस्थानों को तंबाकू मुक्त बनाने की पहल की गई है। इसके तहत स्कूलों के 100 मीटर के दायरे में सिगरेट, बीड़ी, गुटखा, खैनी और अन्य तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर प्रतिबंध के नियमों को प्रभावी ढंग से लागू करने की तैयारी है। इस दिशा में शिक्षा विभाग और जन लोक कल्याण परिषद (JLKP), पाकुड़ के संयुक्त सहयोग से राजकीयकृत +2 उच्च विद्यालय पाकुड़िया के सभागार में प्रखंड स्तरीय शिक्षक प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी सुमिता मरांडी की अध्यक्षता में आयोजित कार्यशाला में शिक्षकों को तंबाकू मुक्त शिक्षण संस्थान (ToFEI) के दिशा-निर्देशों और उनके क्रियान्वयन की जानकारी दी गई। कार्यशाला में सुमिता मरांडी ने कहा कि तंबाकू सेवन बच्चों और युवाओं के भविष्य के लिए गंभीर खतरा है। आने वाली पीढ़ी को इस लत से बचाने के लिए विद्यालयों को आगे आना होगा। उन्होंने सभी शिक्षण संस्थानों में नियमित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने और विद्यार्थियों को तंबाकू मुक्त जीवन जीने की शपथ दिलाने पर जोर दिया। वहीं, JLKP के कार्यक्रम समन्वयक भोला पाण्डेय ने बताया कि ग्लोबल यूथ टोबैको सर्वे (GYTS-2019) के अनुसार देश में 13 से 15 वर्ष आयु वर्ग के 8.5 प्रतिशत विद्यार्थी किसी न किसी रूप में तंबाकू का सेवन करते हैं। झारखंड में भी यह आंकड़ा 5.1 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि तंबाकू से होने वाली बीमारियों के कारण देश में हर साल करीब 13 लाख लोगों की जान चली जाती है। ऐसे में स्कूलों के आसपास तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर रोक और विद्यार्थियों के बीच जागरूकता बेहद जरूरी है। प्रशिक्षण के दौरान ToFEI के नौ प्रमुख मानकों की जानकारी देते हुए शिक्षकों से अपने-अपने विद्यालयों में इन्हें लागू करने की अपील की गई। कार्यशाला में शिक्षा विभाग के प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी, प्रधानाध्यापक, नोडल शिक्षक और अन्य प्रतिभागी शामिल हुए।






