बंद अस्पताल चालू कराने से लेकर जर्जर सड़कों और पेयजल संकट दूर करने की मांग; डीसी के नाम सौंपा ज्ञापन, विकास राशि के इस्तेमाल पर भी उठाए सवाल
अमड़ापाड़ा/पाकुड़: कोयले के कारोबार से सरकार को राजस्व मिल रहा है, लेकिन जिस क्षेत्र से यह राजस्व आ रहा है, वहां के लोग आज भी सड़क, पानी और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इसी बदहाल तस्वीर को लेकर झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) ने बुधवार को प्रखंड कार्यालय परिसर में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। प्रखंड अध्यक्ष महेंद्र मरांडी के नेतृत्व में आयोजित धरने में क्षेत्र की 13 जनसमस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया। इसके बाद उपायुक्त के नाम बीडीओ के माध्यम से ज्ञापन सौंपकर समस्याओं के समाधान की मांग की गई।
मोर्चा ने अमड़ापाड़ा के बंद पड़े अस्पताल को दोबारा चालू करने, चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की नियुक्ति तथा एंबुलेंस उपलब्ध कराने की मांग की। संगठन का कहना है कि अस्पताल बंद रहने से ग्रामीणों को इलाज के लिए दूसरे स्थानों पर निर्भर रहना पड़ता है। वहीं, मुख्य बाजार में साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, कचरा प्रबंधन और सौंदर्यीकरण की मांग भी उठाई गई। ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं को लेकर भी मोर्चा ने प्रशासन का ध्यान खींचा। आलूबेड़ा, जराकी, पंचुवाड़ा, बोहड़ा, बासमती, पड़ारकोला और सिंगारसी पंचायतों में अधूरी जलमीनारों, पेयजल संकट, जर्जर सड़कों और अनियमित बिजली आपूर्ति का मुद्दा उठाया गया। विशनपुर विस्थापित कॉलोनी में डीएमएफटी मद से सड़क निर्माण, पहाड़िया समुदाय और विस्थापित परिवारों को बुनियादी सुविधाएं देने, बंद आंगनबाड़ी केंद्र चालू कराने तथा पचईबेड़ा जाने वाली पेनम लिंक रोड पर नियमित पानी का छिड़काव कराने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है। बासमती पंचायत के पार्क मोड़ से हरीशपुर सड़क की मरम्मत और पुल-पुलिया के लंबित कार्य पूरे कराने पर भी जोर दिया गया।
राजस्व सरकार को, परेशानी स्थानीय लोगों को।
धरना को संबोधित करते हुए JLKM नेता मार्क बास्की ने कहा कि अमड़ापाड़ा में दो-दो कोयला कंपनियां संचालित हैं। सरकार को इस क्षेत्र से राजस्व मिलता है, लेकिन स्थानीय लोगों को बेहतर सड़क, स्वास्थ्य सुविधा और स्वच्छ वातावरण तक नसीब नहीं हो रहा है। कोयला परिवहन के कारण उड़ने वाली धूल से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब क्षेत्र से इतना राजस्व प्राप्त हो रहा है तो स्थानीय लोगों को बुनियादी सुविधाओं के लिए आंदोलन क्यों करना पड़ रहा है? मार्क बास्की ने स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के कथित बयान का जिक्र करते हुए कहा कि मैया सम्मान योजना के लिए राशि की व्यवस्था करना सरकार की जिम्मेदारी है, लेकिन विकास कार्यों के लिए निर्धारित राशि के उपयोग को लेकर भी सरकार को जवाबदेह होना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त करने के साथ विकास योजनाओं को जमीन पर उतारना भी सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।
धरना-प्रदर्शन में जिला सचिव जहांगीर अंसारी, गोल्डन हांसदा, आंद्रियास मुर्मू, विष्णु पहाड़िया, राजेश मरांडी, मंगली पहाड़िन, इलियास, सामुएल मालतो, राजू राय, मनोज शाह, अमन कुमार, पियूष कुमार और राज आर्यन समेत सैकड़ों कार्यकर्ता व समर्थक शामिल हुए।






