साहिबगंज:- स्वास्थ्य व्यवस्था पर सरकार लाखों करोड़ों रुपया खर्च कर रही है ताकि मरीजों को बेहतर से बेहतर सुविधा मिल सके। वही एक तरफ राज्य सरकार की ओर से स्वास्थ्य सुविधा को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं लेकिन हकीकत में ऐसा नहीं है। ताजा मामला उस समय देखने को मिला जब सदर अस्पताल में एडमिट महिला के मौत के बाद शव को बाहर निकालने के लिए उसे स्ट्रेचर तक नसीब नहीं हुआ। वही बताया जा रहा है कि मुफस्सिल थाना क्षेत्र के गोपालपुर पिलहर टोला के एक महिला की हालत बिगड़ गई थी जहां महिला के परिजनों ने आनन-फानन में उसे सदर अस्पताल में इलाज के लिए एडमिट कराया था जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। जिसके बाद परिजनों ने
शव को ले जाने के लिए एक ट्रैक्टर मंगाया जहां मृतिका महिला को अस्पताल से निकालते समय अस्पताल के तरफ से एक स्टेचर तक नसीब नहीं दिया गया। वही मृतिका महिला के परिजनों ने उसे अपने कांधे में लादकर चारपाई पर लेटा कर उसे ट्रैक्टर पर रखा। जहां अस्पताल में सफाई कर्मी स्वास्थ्य कर्मी अस्पताल गार्ड सभी लोग मौजूद थे फिर भी मौत के बाद उसे अस्पताल के तरफ से स्ट्रेचर तक नसीब नहीं हुआ। वही इस मामले को लेकर जिले के सिविल सर्जन डॉ रामदेव पासवान से पूछा गया तो बताया कि स्टेचर गेट पास ही लगा रहता है लेकिन गेट के पास एक भी स्टेचर नहीं था। उधर राजमहल विधायक अनंत ओझा ने इस प्रकार की घटना को निंदनीय बताया है।





