हेमंत हांसदा
पाकुड़िया प्रखंड भर में होली को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों के सहित बाजारों में चहल-पहल बढ़ गई है। प्रखंड के तालवा, बन्नोग्राम, गणपुरा, राजदाहा, मोंगला बांध सहित विभिन्न चौक चौराहों पर रंग, गुलाल, पिचकारी, टोपी, मास्क की दुकानें सज गई है। इस वर्ष भी बच्चों को जहां छोटा भीम, मोटू- पतलू डारीमान, मिक्की माउस, बंदर, भूत, बाघ का मुखौटा पहली पसंद बने हुए हैं, वहीं म्यूजिकल पिचकारी, प्रेशर पिचकारी, बंदूक, स्पीड गन सहित अन्य पिचकारी भी बच्चों को लुभा रहे हैं। जबकि युवाओं के बीच डिजायनर मुखौटा से लेकर मास्क और विंग ने अलग जगह बनाई हुई है। लोगों की इन्हीं पसंदों के देखते हुए दुकानदारों ने रंग और पिचकारी से अपने दुकानों को सजा रखा है।इन सभी सामानों के दाम दस रुपये से लेकर हजारों रूपये तक की है। पिचकारी विक्रेता दिनेश गुप्ता, गोपाल साहा, सोनू गुप्ता आदि ने बताया कि उनकी दुकानों में लगभग 10 रुपए से 500 रुपए तक की पिचकारी उपलब्ध है। रंग. और गुलाल की कीमत भी पांच रुपए से शुरू है। कीमत के हिसाब से देखें तो सेंटेड रंग-गुलाल की कीमत 100 रुपए से 500 रुपए प्रतिकिलो तक है। नकली बाल, नकली मूंछ, शेर का मुखौटा, बंदर का मुखौटा, भूत के मास्क की मांग काफी है। वहीं होली को लेकर बाजारों में चहल- पहल बढ़ गई है। कपड़े, गहने, श्रृंगार और रंगों की दुकानों पर खरीददारों की भीड़ बढ़ गई है। खासकर बच्चों व युवाओं में होली को लेकर विशेष उत्साहित नजर आ रहे हैं।







