अक्षय कुमार
रामगढ़। शनिवार को राधा गोविन्द विश्वविद्यालय के फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी द्वारा “एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग (3D प्रिंटिंग)” विषय पर दो दिवसीय हैंड्स-ऑन कार्यशाला का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को आधुनिक निर्माण तकनीकों, 3D मॉडलिंग, प्रोटोटाइप विकास एवं स्टार्टअप संभावनाओं से परिचित कराना था। कार्यशाला के पहले दिन उद्घाटन सत्र के साथ विशेषज्ञ व्याख्यान आयोजित किया गया, जिसमें प्रो. (डॉ) कौशिक कुमार, बीआईटी मेसरा रांची तथा डॉ. चिकेश रंजन, एनआईटी राउरकेला ने विषय विशेषज्ञ के रूप में अपने विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग के मूल सिद्धांतों और उसके औद्योगिक महत्व पर विस्तार से चर्चा की। इसके बाद 3D मॉडलिंग सत्र में प्रतिभागियों को कंप्यूटर एडेड डिज़ाइन (CAD) टूल्स का परिचय, बुनियादी डिजाइन तकनीकें एवं हैंड्स-ऑन अभ्यास कराया गया।


विश्वविद्यालय के कुलाधिपति बी.एन. साह ने कहा कि वर्तमान युग तकनीकी नवाचार का है और 3D प्रिंटिंग जैसी उभरती तकनीकें उद्योगों के भविष्य को आकार दे रही हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं छात्रों को आत्मनिर्भर बनने और स्वरोजगार के अवसरों को समझने में सहायक होती हैं। सचिव प्रियंका कुमारी ने आयोजन समिति को सफल आयोजन के लिए बधाई दी। कुलपति प्रो. (डॉ) रश्मि ने अपने संबोधन में कहा कि इस तरह के व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यक्रम छात्रों को वैश्विक तकनीकी परिवर्तनों के साथ जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कुलसचिव प्रो (डॉ) निर्मल कुमार मंडल ने अपने वक्तव्य में कहा कि इस प्रकार की तकनीकी कार्यशालाएं विद्यार्थियों के व्यावहारिक ज्ञान को सुदृढ़ करती हैं तथा उन्हें उद्योग की वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने में सहायक होती हैं।
इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी संकाय के विभागाध्यक्ष डॉ. अवनीश कुमार ने कार्यशाला के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह कार्यक्रम छात्रों के लिए कौशल विकास और नवाचार को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण मंच है। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के वित्त एवं लेखा पदाधिकारी डॉ संजय कुमार, परीक्षा नियंत्रक प्रो (डॉ) अशोक कुमार, प्रबंध समिति सदस्य अजय कुमार, इंजीनियरिंग संकाय के व्याख्यातागण एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।





