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सतनाम सिंह
पाकुड़ न्याय सदन में अंतराष्ट्रीय महिला दिवस को लेकर शनिवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वधान में नालसा एवम् झालसा के निर्देशानुसार प्रधान जिला एवं सत्र न्यायधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार के बाल कृष्ण तिवारी की अध्यक्षता में डालसा के सचिव शिल्पा मुर्मू के उपस्थिति में सप्ताहिक महिला सशक्तीकरण कार्यक्रम के तहत् 4 मार्च से 11मार्च तक होने वाले कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के तहत कानूनी तौर एवम् महिला को सशक्त बनने के लिए जागरूक करते हुए डालसा के सचिव शिल्पा मुर्मू द्वारा कहा कि महिला को सशक्त बनने के लिए अपने सोच में सकारात्मक ऊर्जा लाने की अवश्यकता होनी चाहिए ताकि समाज और देश में बहुत कुछ बदल सके समाज में किसी भी प्रकार के समस्या को पुरुष से बेहतर ढंग से निपट सके ,जब महिलाएँ अपने प्रति होने वाले सामाजिक-मनोवैज्ञानिक-सांस्कृति अन्याय, लिंग-भेद, असमानता,सामाजिक-
सांस्कृतिक, आर्थिक तथा राजनीतिक शक्तियों के नकारात्मक प्रभाव के विरूद्ध जागरूक हो जाए तो यह समझा जा सकता है कि उनका सशक्तिकरण हो रहा है। वही रिसोर्स पर्सन प्रथम अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अजय कुमार गुड़िया ने इनका उद्देश्य का जिक्र करते हुऐ कहा कि महिला सशक्तीकरण का उद्देश्य यही है कि महिला को हर क्षेत्र में चाहे सामाजिक हो, राजनीतिक हो, या आर्थिक, रूप से जैसे महिलाओ के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए उन्है जमीन-जायदाद, बैंक-खाता, बचत, निवेश में निर्णय लेने, सम्पत्ति पर समान अधिकार इत्यादि होना ही चाहिए हिंदू धर्म के आधार पर महिला के मैरेज लॉ, तालक, संपत्ति का अधिकार, एसिड अटैक, पॉक्सो एक्ट,महिला आयोग से मिलनेवाले कानूनी लाभ समेत कई अहम कानूनी जानकारी दी गई।साथ ही रिसोर्स पर्सन द्वितीय अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी निर्मल भारती ने कानून के प्रति कई बिंदु पर प्रकाश डालते हुए कहा कि महिलाओं के अधिकार के हक ,अखंडता ,
शारीरिक और मानसिक आजादी, हो या यौन हिंसा से मुक्ति; मत देने की आजादी; सार्वजनिक पद धारण करने की आजादी; कानूनी कारोबार में प्रवेश करने की आजादी;पारिवारिक कानून में बराबर हक; काम करने की आजादी और समान वेतन की प्राप्ति; प्रजनन अधिकारों की स्वतंत्रता; शिक्षा प्राप्ति का अधिकार है इसे समझने और हक प्राप्ति के लिए जागरूक होना बहुत जरूरी है । समेत कई कानूनी जानकारी दी गई जिससे महिला अपने सकारात्मक सोच के साथ अपने आप को शसक्त बना सके। और समाज के अन्य महिला को भी सभी क्षेत्र में मजबूत बना सके जैसे तमाम मुद्दे पर विस्तृत जानकारी देते हुऐ जागरूक की गई। मौके पर अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अजय कुमार गुड़िया ,अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी निर्मल भारती, डालसा के सचिव शिल्पा मुर्मू डालसा के कर्मी, पीएलवी उत्पल मंडल, नीरज कुमार राउत, जेएसएलपीएस, आईसीडीएस, पीएचडी के महिला कर्मी,आंगनबाड़ी सेविका, तेजस्वानी ग्रुप के महिलाएं शिक्षिका,समेत दर्जनों की संख्या में महिलाएं उपस्थित थीं ।











