राजकुमार भगत
पाकुड़। भोपाल के सांसद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के लिए जिस अप शब्द का प्रयोग किया है वो निंदनीय है। साध्वी प्रज्ञा ने जिस शब्द का प्रयोग कर रही है उससे देश ही नही पूरे विश्व के माताओं के अपमान है। राजनीति में मतभेद हो सकते है लेकिन मनभेद नही होना चाहिए।व्यक्तिगत टिप्पणी करना उचित नही है? एक सांसद का इस तरह के बयान संसदीय मर्यादा का अपमान है। भारतीय जनता पार्टी को तुंरन्त ऐसे सांसद पर करवाई करते हुए पार्टी से निकालना चाहिए । अगर भाजपा चुप है तो ये साबित होता है कि भाजपा आलाकमान के इशारे पर महिलाओ को अपमान करने वाले ऐसे नेता को समर्थन करता है । एक सांसद को दूसरे सांसद को इस तरह का बयान देना कतई उचित नहीं है। और वो भी जिस घर ने इस देश के लिए कुर्बानी दिया हो, तीन तीन प्रधानमंत्री दिया हो । कांग्रेश प्रखंड अध्यक्ष मनोवर आलम ने कहा कि
साध्वी को मानसिक इलाज की जरूरत है। वो राहुल गांधी के नाम लेकर केंद्र में मंत्रालय की सीढ़ी चढ़ना चाह रही है। आजकल देश मे एक ट्रेंड चला हुआ है कि सत्ता पाना हो मंत्री बनने की लालसा हो तो देश को बांटने वाली भाषा बोलो ।बिवादित बयान दो ।राहुल गांधी सोनिया गांधी पर टिपण्णी करो।





