राजकुमार भगत
पाकुड़, रहसपुर मदरसा में बुधवार को मौलाना साहबों की उपस्थिति में एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें दीनि तालीम (धार्मिक शिक्षा) को और अधिक सशक्त बनाने तथा आधुनिक शिक्षा के साथ उसके समन्वय पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। बैठक में शिक्षा व्यवस्था को प्रभावी और समयानुकूल बनाने के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई। मौलाना साहबों ने अपने सुझाव रखते हुए दीनि शिक्षा को आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप ढालने की जरूरत पर बल दिया। इस अवसर पर पूर्व विधायक अकील अख्तर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में छात्रों को शिक्षा के प्रति प्रेरित करते हुए कहा कि शिक्षा ही समाज के सर्वांगीण विकास की आधारशिला है। उन्होंने यह भी कहा कि आज के समय में दीनि तालीम के साथ आधुनिक शिक्षा को अपनाना अत्यंत आवश्यक है, ताकि युवा बेहतर भविष्य की ओर अग्रसर हो सकें।
बैठक को शिक्षा के क्षेत्र में जागरूकता बढ़ाने और दीनि व आधुनिक शिक्षा के बीच संतुलन स्थापित करने की दिशा में एक सकारात्मक पहल माना जा रहा है।







