हेमंत हांसदा
पाकुड़िया प्रखण्ड मुख्यालय पाकुड़िया प्रांगण स्थित सामुदायिक प्रशिक्षण केन्द्र में गुरुवार कलस्टर लेवल फेडरेशन द्वारा समाजिक विकास उपसमिति की तीन दिवसीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है।तीन दिवसीय प्रशिक्षण में पाकुड़िया कलस्टर के तीन एवं अमड़ापाड़ा कलस्टर के एक जिसमें 35 प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के दूसरे दिन प्रशिक्षक के रूप में डीआरपीएसडी संगीत बास्की एवं ज्योसना दास ने विस्तार से बताते हुए प्रशिक्षण दिया कि जेंडर एवं लिंग में क्या अंतर है जेंडर समाज द्वारा बनाया गया सोच है महिलाओं एवं पुरुष को उनके पहनावे और रहन-सहन से उनका पहचान करता है जिसको हम बदल सकते हैं। लिंग में महिला की सोच है कि महिला -महिला हैं जिस कारण उनपर अत्याचार किया जाता हैं इस लिए महिला अपना किस्मत समझती है।महिलाओं पर ग्रुरुण हत्या ,अत्याचार, शोषण एवं विधवा महिलाओं को डायन बोल कर प्रताड़ित करना। प्रशिक्षण में प्रशिक्षक में प्रतिभागियों को संविधान , सरकारी योजनाओं आंगनबाड़ी ,विद्यालय , पंचायत ,राशन डीलर एवं उपस्वास्थ केंद्र एवं पितृ सत्ता के वारे चर्चाये करते हुए विस्तृत जानकारी दिया। उसके अलावे महिलाओं के जागरूकता के लिए नारे को बताया गया नारी – नारी की पुकार , अब ना सहेंगे अत्याचार , आवाज दो हम एक हैं , हिंसा नहीं समाज चाहिए , जीने का अधिकार चाहिए , महिला आगे बढ़ रही है कुरीतियों से लड़ रही है , घर घर शिक्षा का दीप जलावे , बाल विवाह को बंद करें। मौके पर जेएसएलपीएस प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी राजीव कुमार , प्रखंड पर्यवेक्षक अभिमन्यु वर्धन एवं स्वंय स्वंयसेवी संस्था की महिलाओं उपस्थित थी।







