पाकुड़: शहीद दिवस के अवसर पर भगत सिंह चौक पर शहीद-ए-आजम भगत सिंह का प्रतिमा पर आजसू पार्टी का जिला अध्यक्ष आलमगीर आलम के नेतृत्व में आजसू पार्टी के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किया।
आजसू जिला अध्यक्ष आलमगीर आलम ने कहा कि शहीद भगत सिंह क्रांतिकारी देशभक्त ही नहीं बल्कि एक अध्ययनशीरल विचारक, कलम के धनी, दार्शनिक, चिंतक, लेखक, पत्रकार और महान मनुष्य थे। उन्होंने 23 वर्ष की छोटी-सी आयु में फ्रांस, आयरलैंड और रूस की क्रांति का विषद अध्ययन किया था।हिन्दी, उर्दू, अंग्रेजी, संस्कृत, पंजाबी, बंगला और आयरिश भाषा के मर्मज्ञ चिंतक और विचारक भगत सिंह भारत में समाजवाद के पहले व्याख्याता थे। भगत सिंह अच्छे वक्ता, पाठक और लेखक भी थे। उन्होंने ‘अकाली’ और ‘कीर्ति’ दो अखबारों का संपादन भी किया। उन्होंने कहा कि इन्हीं क्रांतिकारियों के बल पर देश को आजादी मिली।जेल में भगत सिंह ने करीब दो साल रहे। इस दौरान वे लेख लिखकर अपने क्रांतिकारी विचार व्यक्त करते रहे। जेल में रहते हुए उनका अध्ययन बराबर जारी रहा। उस दौरान उनके लिखे गए लेख व परिवार को लिखे गए पत्र आज भी उनके विचारों के दर्पण हैं। मौके पर जिलाध्यक्ष- आलामगीर आलम, जिला मीडिया प्रभारी- अहमादुललाह, प्रखंड कोषाध्यक्ष- मुशर्रफ हुसैन, ओबीसी प्रखंड अध्यक्ष- अल्फाज़ अहमद, प्रिंस साहेब, साफिकुल शेख, सारिफुल शेख समेत आजसू पार्टी के दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद थे।







