राजकुमार भगत
राज्य से बाहर परीक्षा केंद्र की समस्या पर अभाविप ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग को लिखा था पत्र
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के लगातार प्रयास से संथाल परगना के उच्च शिक्षा में नामांकन की चाह रखने वाले हजारों छात्र छात्राओं को राहत मिली है। ज्ञात हो की नई शिक्षा नीति के तहत यूजीसी द्वारा देशभर के विश्वविद्यालयों में संयुक्त विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा (सईयूईटई) के माध्यम से नामांकन की प्रक्रिया तय की गई थी। इस परीक्षा के निमित्त झारखंड में ऑनलाइन सेंटर की कमी होने के कारण झारखंड के संथाल परगना सहित सभी क्षेत्र के छात्र छात्राओं को परीक्षा हेतु दूसरे राज्यों में परीक्षा केंद्र दी गई थी। आर्थिक रूप से कमजोर एवं विशेषकर ग्रामीण क्षेत्र के छात्र-छात्राओं के हितों का ध्यान रखते हुए विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के अध्यक्ष को पत्र लिखकर शीघ्र निदान की मांग की। साथ ही अभाविप पाकुड़ के शिष्टमंडल ने विश्वविद्यालय प्रशासन से सीयूईटी के विकल्प की मांग की थी। अभाविप दुमका विश्वविद्यालय संयोजक के राहुल मिश्रा ने बताया कि विद्यार्थियों के हितों को देखते हुए सिदो कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय दुमका की नामांकन समिति की बैठक के बाद विश्वविद्यालय ने सीयूईटी की परीक्षा ना दे पाने वाले छात्रों के लिए चांसलर पोर्टल के माध्यम से नामांकन हेतु विकल्प देने का निर्णय लिया है। जैक के 12वीं के परीक्षा एवं स्नातक सेमेस्टर 6 के विद्यार्थियों के परिणामों के बाद ऑनलाइन चांसलर पोर्टल के माध्यम से विश्वविद्यालय में नामांकन प्रारंभ हो जाएगा।अभाविप पाकुड़ के जिला संयोजक बमभोला उपाध्याय , विभाग संयोजक अमित साहा, कॉलेज मंत्री दुलाल चंद्र दास ने विश्वविद्यालय के इस निर्णय का स्वागत किया है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय के इस निर्णय के बाद स्नातक सत्र 2023-2027 एवं पीजी 2023-25 के विद्यार्थियों का नामांकन विशुद्ध रूप से चांसलर पोर्टल से होगा। विद्यार्थी परिषद पाकुड़ के कार्यकर्ताओं ने बताया कि विद्यार्थियों के हितों को देखते हुए विश्वविद्यालय द्वारा लिया गया यह निर्णय सराहनीय है। विद्यालय के इस निर्णय से न सिर्फ आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को सहूलियत होगी बल्कि ऐसे छात्र जो इस परीक्षा हेतु आवेदन नहीं कर पाए थे उनका भी नामांकन चांसलर पोर्टल के माध्यम से संभव हो सकेगा।





