बिक्की सन्याल
पाकुड़। शनिवार को सदर प्रखंड के सोनाजोड़ी में स्थित भारतीय स्टेट बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) पाकुड़ की ओर से आयोजित दस दिवसीय गाय पालन और केंचुआ खाद निर्माण एवं बकरी पालन प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन किया गया। संस्थान के वरिष्ठ संकाय सह कार्यक्रम समन्वयक अमित कुमार बर्धन ने सफल 58 प्रशिक्षुओ को संबोधित करते हुए उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने बैंकों से यथासंभव ऋण प्रदान करने में सहयोग करने की आश्वासन दिए। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण का लाभ उठाकर व्यवसाय शुरु करें। पशुपालन एक रोजगारपूरक कार्यक्रम है, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। पशुपालन कर हम अपनी जीवन को बहुत उन्नत कर सकते हैं। आरसेटी द्वारा ऐसे कई कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं जो ग्रामीण बेरोजगार युवाओं को आत्मनिर्भर बनाती हैं। आरसेटी में प्रशिक्षुओ को पशुपालन के साथ साथ बैंकिंग, विपणन, वित्तीय समावेशन आदि से संबंधित जानकारी दी गई। प्रशिक्षुओ को अगले दो साल तक फॉलो अप किया जाएगा ताकि आत्मनिर्भर बनने में होने वाली समस्याओं का निराकरण कर सके। प्रशिक्षण कार्यक्रम का मूल्यांकन नेशनल एकेडमी ऑफ रुडसेट द्वारा प्रतिनियुक्त अधिकारी अरुण नाथ तिवारी,अरविंद आरोही, शोभा रानी केशरी और कैलाश प्रसाद वर्मा द्वारा किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रशिक्षक मनोज कुमार दे और सुश्री सुनिता हेंब्रम है। आज के समापन कार्यक्रम के मौके पर संकाय वापी दास, कार्यलय सहायक शिबू कुनाई व मोतीलाल साहा व अन्य लोग मौजूद थे।







