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March 14, 2026 5:00 pm

G20 अंतर्गत फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरेसी थीम के तहत निपुण भारत मिशन को लेकर जिला स्तरीय कार्यशाला का हुआ आयोजन

डीपीआरओ डॉ. चंदन ने कहा शिक्षा से बेहतर कोई गिफ्ट नहीं है जो हम समाज को वापस दे सकते हैं

G20 अंतर्गत फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरेसी थीम के तहत निपुण भारत मिशन को लेकर केन्द्रीय विद्यालय सिंगारसी के द्वारा जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा G20 अंतर्गत 15 मई 2023 से 15 जून 2023 तक की अवधि को फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरेसी थीम के रूप में चयनित किया गया है। इस दौरान फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरेसी थीम के तहत देश भर में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में बुधवार को जिला शिक्षा पदाधिकारी की अध्यक्षता में सूचना भवन सभागार में फाउंडेशनल लिटरेसी एन्ड न्यूमेरेसी थीम के तहत निपुण भारत मिशन को लेकर जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस दौरान सर्वप्रथम मुख्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर विधिवत रूप से कार्यशाला का शुभारंभ किया।
कार्यशाला के दौरान अपने संबोधन में जिला शिक्षा पदाधिकारी रजनी देवी ने नई शिक्षा नीति 2020 के संबंध में विभिन्न जानकारियां देने के क्रम में कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में बच्चों के सर्वांगीण विकास के मद्देनजर केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा विभिन्न प्रयास किए जा रहे हैं। इसी में एक है निपुण भारत मिशन (नेशनल इनीशिएटिव फॉर प्रोफिशिएंसी इन रीडिंग विद अंडरस्टैंडिंग एंड न्यूमैरेसी) जिसके तहत कक्षा 3 अथवा 9 वर्ष की आयु तक के बच्चों के लिए एक ऐसे वातावरण का निर्माण किया जाना है जिसमें बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान को पर्याप्त रूप से सशक्त किया जा सके। जिला जनसंपर्क पदाधिकारी डॉ चंदन ने कहा कि विद्यालय में एक ऐसे वातावरण का निर्माण करना चाहिए जिसमें बुनियादी साक्षरता व संख्या ज्ञान को पर्याप्त रूप से सशक्त बनाने पर जोर दिया जा सके। कहा कि बदलते दौर में शिक्षकों को भी पढ़ाने की विधा को बदलना होगा, बच्चा क्या सुन रहा, कितना समझ रहा फिर उसे कैसे लिख रहा है इसपर ध्यान देने की आवश्यकता है । उन्होने कहा कि शिक्षक अगर बच्चों के मनोभाव को समझते हुए रूचिकर तरीके से विषयों को पढ़ायें तो जरूर बेहतर परिणाम देखने को मिलेंगे। एक बार बच्चों में विषयों को लेकर रूचि जागृत हो जाए तो बाद में ज्यादा मेहनत की जरूरत नहीं होगी। हमारे सामने चुनौती है कि कैसे ग्रामीण परिवेश के बच्चों में मैथ्स और साइंस का को लेकर डर है उसे दूर भगायें। उन्होने कहा कि सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के पढ़ाई-लिखाई के मामले में उनके मां-बाप हम ही हैं। शिक्षा से बेहतर कोई गिफ्ट नहीं है जो हम समाज को वापस दे सकते हैं।
वक्ता के रूप में उपस्थित वरिष्ठ पत्रकार रमेश भगत ने कहा कि पहले हम अमेरिका से मिल रहे मकई के दारे से अपना पेट भरते थे आज हम अमेरिका को सॉफ्टवेयर इंजिनियर दे रहे हैं. यह भारत की ईमर्जिंग की कहानी है।मौके पर जिला शिक्षा पदाधिकारी रजनी देवी, सम्मानित अतिथि जिला जनसंपर्क पदाधिकारी डॉ चंदन, क्षेत्र शिक्षा पदाधिकारी जुही रानी, केवी सिंगारसी के प्राचार्य गिनीश कुमार एन, डीएवी के प्राचार्य विश्वदीप चक्रवर्ती, संत जेवियर्स वर्ल्ड स्कूल रामपुरहाट के प्राचार्य बिभुदत्ता मोहंती सहित विभिन्न विद्यालयों के शिक्षक मौजूद थे।

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