राजकुमार भगत
पाकुड़। आगामी 20 जून मंगलवार को रथ यात्रा होगी। जिसे लेकर पूरी उमंग के साथ तैयारी की जा रही है। यू तो रथ मेला देश के बड़े भू भागों में मनाया जाता रहा है ।इसे लेकर झारखंड स्थित पाकुड़ में अति प्राचीन काल राजा पृथ्वी चंद्र शाही के समय से रथ यात्रा निकाली जाती रही है। जो आज भी जारी है । बड़े ही धूमधाम से राजापारा राजबाड़ी स्थित राधा कृष्ण मंदिर से भगवान जगन्नाथ राधा मोहन की अति प्राचीन मूर्ति रथ में सवार कर गाजे-बाजे के साथ निकाला जाता है। भगवान अपने निजधाम से अपनी मौसी के घर 8 दिनों के लिए प्रस्थान करते हैं। उनकी पूरी विधि विधान से पूजा की जाती है। रथ यात्रा की दिन भक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ता है। भक्त रथ पर सवार मदन मोहन पर फूल बेलपत्र पान बताशा आदि से पूजन करते हैं। राजा पाड़ा स्थित राजबाड़ी मंदिर से लेकर भगत पाड़ा तक भक्तों का जनसैलाब भगवान जगन्नाथ की जय जयकार लगाते हैं एवं रथ को खींचने का सौभाग्य प्राप्त कर पुण्य का भागी बनते हैं। इस अवसर पर भगत पाड़ा स्थित नगर थाना के सामने एक विशाल मेले का आयोजन किया जाता है। जिसमें जिले के अलावे बरहरवा राजमहल साहिबगंज पश्चिम बंगाल आदि से बड़ी संख्या में लोग मेले का आनंद लेने आते हैं। इस वर्ष मेला का स्वरूप काफी बड़ा है। किंतु रास्ता संकीर्ण है। मेले में सर्कस मुख्य आकर्षण का केंद्र होगा। इसके अलावा मेले में दो इलेक्ट्रिक झुला, टोरा टोरा, हाइड्रोलिक इलेक्ट्रॉनिक झूला, बच्चों का इलेक्ट्रॉनिक ट्रेन, इलेक्ट्रॉनिक नौका,मीना बाजार ,मैजिक सौ, चांद तारा झूला, विभिन्न प्रकार के बच्चों के झूला, स्टील एवं फर्नीचर की दुकान, विभिन्न प्रकार के खिलौने एवं इलेक्ट्रॉनिक आइटम की दुकान, तरह तरह के खाने पीने के व्यंजन , आइस्क्रीम का लुफ्त मेला में उठा सकते हैं। मेले की तैयारी जोर शोर से चल रही है । पश्चिम बंगाल के सपन कुमार हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी मेले के आयोजन में व्यस्त हैं। मेले का आयोजन सपन कुमार की नेतृत्व में किया जाता है। बड़ी कुशलता से मेले का आयोजन करते हैं। चाक-चौबंद सुरक्षा के बीच रथ यात्रा निकाली जाती है। पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए जाते हैं। संपूर्ण मेला क्षेत्र में विशेष पुलिस दल की निगरानी रहती है। मेले का अयोजन 20 जून से प्रारंभ होकर लगभग 1 माह तक किया जाता है जबकि उल्टी रथ मेला के दिन भगवान जगन्नाथ अपनी मौसी के निवास स्थान से अपने निज धाम प्रस्थान कर जाते हैं।







