राजकुमार भगत
पाकुड। भारतीय जनता पार्टी, पाकुड़ इकाई ने 25 जून, रविवार को तत्कालीन जनसंघ से सक्रिय रूप से जुड़े रहें अनंत प्रसाद तिवारी, पूर्व विधायक वेणी प्रसाद गुप्ता, सच्चिदानंद तिवारी, बद्री प्रसाद तिवारी से मिलकर उन सबका आभार जताया कि उन जैसे व्यक्तिओं के त्याग और साधना के कारण ही आज देश में लोकतंत्र एक अत्यंत स्वस्थ अवस्था में है।आपातकाल का स्मरण करते हुये इन सभी ने एक सुर में बताया कि दुनिया के जिस सबसे बड़े लोकतंत्र का नागरिक होने की बात हम दुनिया को बड़े फख्र से बताते हैं, उसी लोकतंत्र को 45 साल पहले आपातकाल का दंश झेलना पड़ा। नयी पीढ़ी तो आपातकाल की विभीषिका से बिल्कुल अपरिचित है। बातचीत के क्रम में इस पीढ़ी ने आपातकात शब्द जरूर सुना होगा लेकिन 25-26 जून, 1975 की रात को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा देश पर थोपे गए आपातकाल के दंश की कई पीढ़ियां भुक्तभोगी हैं। नागरिकों के सभी मूल अधिकार खत्म कर दिए गए थे। राजनेताओं को जेल में डाल दिया गया था।अखबारों पर सेंसरशिप लगा दी गई थी। पूरा देश सुलग उठा था। ज़बरदस्ती नसबंदी जैसे सरकारी कृत्यों के प्रति लोगों में भारी रोष था।उन्होंने बताया कि उस दमनकारी दौर में भी किसी तरह छिप-छिपाकर हमलोगों ने अपनी विरोधी गतिविधियों को बनाये रखा था।वास्तव में आज भी उस काल की बातों के स्मरण मात्र से मन सिहर उठता है।भारतीय जनता पार्टी की ओर से प्रदेश कार्यसमिति सदस्य सह पाकुड़ विधानसभा संयोजिका मीरा प्रवीण सिंह, ज़िलाध्यक्ष अमृत पांडे, निवर्तमान जिलाध्यक्ष बलराम दुबे, नगर अध्यक्ष पंकज साह, अनुसूचित जाति मोर्चा के पाकुड़ नगर अध्यक्ष गणेश रजक, दीवार लेखन प्रभारी पवन भगत ने इन सभी महानुभावों को अंगवस्त्र ओढ़ाकर उनका अभिवादन किया।








