सतनाम सिंह
बढ़ती मांग को लेकर मुर्गी पालन बना आय का अच्छा जरिया
हिरणपुर (पाकुड़) पाकुड़ जिले के हिरणपुर प्रखंड में पशुपालन, मुर्गी पालन को पारंपरिक तौर पर किया जा रहा था, जिसका कोई व्यवसायिक उद्देश्य नहीं होता था, जो स्वयं के उपभोग तक सीमित रहता था, लिहाजा जिससे उनका काम तो हो जाता था। लेकिन उससे उन्हें किसी प्रकार की आय अर्जित नही होती थी। लेकिन झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी द्वारा संचालित उन्नति आजीविका संसाधन केंद्र हिरणपुर के सहयोग से अब मुर्गी पालन भी व्यवसायिक रूप में किए जाने लगा है। जिससे सखी मंडल से जुड़ी ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक स्तर में सुधार होने लगा है।
झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी द्वारा संचालित उन्नति आजीविका संसाधन केंद्र हिरणपुर आज ग्रामीणों के आय संवर्धन के साथ साथ उनके परंपरागत कार्य पशु पालन को व्यवसाय के रूप में विकसित कर उन्हें आर्थिक रूप से संबल बनाने का कार्य कर रही है।
हिरणपुर प्रखड़ के माहरो, व बेलडिहा गांव समेत प्रखंड की सखी मंडल की महिलाएं घरों में की जाने वाली छोटे स्तर के मुर्गी पालन को अब व्यवसाय के रूप में कर अच्छी आय अर्जित कर रही है। ग्रामीण महिलाएं प्रारंभिक दौर में कम और थोड़े बहुत मुर्गियों से कार्य प्रारंभ किया करते थे ,जो टीका के अभाव में बीमारियों के कारण मर जाता था ,लेकिन अब सखी मंडल महिलाएं प्रशिक्षण प्राप्त कर मुर्गी पालन के जरिए अच्छा मुनाफा कमा रही है। सखी मंडल की महिलाओ ने बताया की 500 चूजे रखने से लगभग 75दिनो में तकरीबन 90से 95 हजार से एक लाख तक की कमाई हो जाती है,
स्थानीय बाजारों के व्यवसायी है नियमित ग्राहक
सखी मंडल की सदस्यों ने बताया की मुर्गी पालन से उन्हें लाभ हो रहा है, मुर्गियो को बड़ा करके स्थानीय व्यापारियों के साथ साथ व्यापारियों के अलावा स्थानीय हिरणपुर बाजारों में बेच कर अच्छा मुनाफा कमा रहे है। बढ़ती मांग को लेकर अब हम सब महिलाए मुर्गी ,पालन के साथ साथ बकरी पालन के तरफ अग्रेषित हो रहे है।किया कहती है प्रखंड प्रमुख रानी सोरेन:- इन्होंने बताया की झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी द्वारा जुड़ी सखी मंडल की महिलाए अब मुर्गी पालन कर अच्छा मुनाफा कमा रही है। जो काफ़ी सराहनीय है।







