राजकुमार भगत
पाकुड़।मानसून प्रवेश के साथ ही जिले भर में पिछले 24 घंटों से रुक रुक कर हो रही छमा छम वर्षा से किसानों के मुरझाए चेहरे में रौनक की झलक साफ देखी जा रही है । इस समय वे उत्साह में हैं और कृषि कार्य में जुट गए हैं, और बुवाई की तैयारी पर लगे हैं।भगवान की शुक्रिया अदा कर रहे हैं। गुरुवार को भी जिले भर में कहीं कम कहीं अधिक झमाझम बारिश हुई है । यह किसानों के लिए वरदान से कम नहीं है ।किसान इसे संजीवनी मान रहे हैं। इस बारिश से बर्बाद होने के कगार पर पहुंची जूट की फसल में जान आने की पूरी संभावना है। बारिश होने से फिलहाल किसान खुश हैं किंतु दूसरी तरफ वह डर भी रहे हैं कि कहीं यह वर्षा आगे चलकर कम ना हो जाए । आगे यदि जरूरत के समय वृष्टि नहीं हुई तो उसकी चिंताएं उन्हें सता रही है । क्योंकि झारखंड में सिंचाई के कोई व्यापक व्यवस्था नहीं है । फिलहाल उनकी चेहरे में चमक है और अगहनी धान की खेती के लिए तैयारी में जुट गए हैं। किसानों का मानना है कि देर से ही सही अगहनी धान के लिए यह बारिश अमृत है, और अच्छी पैदावार के संकेत हैं ।यदि वर्षा ने इसी प्रकार से समय-समय पर साथ दिया तो!! धान ,पटसन के साथ-साथ मक्का के लिए भी उचित समय है।










