राजकुमार भगत
सिदो-कान्हू, चाँद भैरव समेत हूल विद्रोह के सभी सेनानियों को नमन किया
वीर शहीदों की कुर्बानी को भूलाया नहीं जा सकता:- डीसी
सिदो-कान्हू पार्क में हूल दिवस पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उपायुक्त वरुण रंजन, पुलिस अधीक्षक एच. पी. जनार्दनन, अनुमंडल पदाधिकारी हरिवंश पंडित, स्थापना उप समाहर्ता विकास कुमार त्रिवेदी, कार्यपालक दंडाधिकारी प्रमोद कुमार दास, प्रशासक, नगर परिषद कौशलेश कुमार यादव, श्रम अधीक्षक रमेश प्रसाद सिंह, जिला खेल पदाधिकारी राहुल कुमार समेत अन्य पदाधिकारियों ने सिद्धो-कान्हू के प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किया तथा सिदो-कान्हू, चाँद-भैरव समेत हूल विद्रोह के सभी सेनानियों को नमन किया,उपायुक्त वरुण रंजन ने कहा कि 30 जून 1855 को सिद्धो-कान्हू ने अंग्रेंजो की गुलामी एवं शोषण से मुक्ति के लिए क्रांति का बिंगुल फूंका था। हूल विद्रोह जनजातीय समाज की अंग्रेजों के खिलाफ आजादी के लिए प्रथम जनक्रांति थी। सिद्धो-कान्हू के आह्वान पर हजारों संथाल आदिवासी अंग्रेजों के खिलाफ विद्रोह में शामिल हुये तथा अपने प्राणों की आहुति दी। हूल विद्रोह ने अंग्रेजी शासन की नींव हिला दी थी। उन्होंने कहा कि वीर शहीदों की कुर्बानी को कभी भूलाया नहीं जा सकता है।















