राजकुमार भगत
पाकुड। जिला समाज कल्याण पदाधिकारी की अध्यक्षता में डीआरडीए सभागार में जिला बाल संरक्षण इकाई, पाकुड़ एवं कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेन फाउण्डेशन, पाकुड़ इकाई के संयुक्त तत्वाधान में “बाल विवाह एवं बच्चों के विरुद्ध हिंसा के रोकथाम में हितधारको की भूमिका” विषय पर बैठक का आयोजन किया गया।
बैठक में जिला समाज कल्याण पदाधिकारी द्वारा बताया कि बाल विवाह एवं बच्चों खिलाफ हो रहे हिंसा एक सामाजिक बुराई है । जिसका प्रभाव बच्चों के मानसिक एवं शारीरिक विकास पर पड़ता है । बच्चों के सर्वांगीण विकास में परिवार एवं समाज का बहुत बड़ा योगदान होता है ।बच्चों के सर्वांगीण विकास एवं सुरक्षा हेतु सभी गैर-सरकारी संस्थाओं को सक्रिय रूप से सहयोग करने की आवश्यकता है। परिवार के लोग भी बच्चों पर ध्यान दें।जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी व्यास ठाकुर द्वारा विभिन्न विन्दुओं पर विस्तृत रूप से जानकारी दी गई।जिला कार्यक्रम समन्वयक यूनिसेफ अक्षय कुमार ने बाल विवाह एवं बच्चों के हिंसा एवं रोकथाम हेतु कम्युनिकेशन प्लान के बारे में जानकारी दी।सर्वसम्मति से इस बात पर जोर दिया गया कि विभिन्न बाल संरक्षण मुद्दे पर सभी प्रखण्ड स्तर पर जागरूकता अभियान कार्यक्रम चलाया जाय ताकि बच्चों को सुरक्षित रखा जा सके। बैठक में जिला बाल संरक्षण इकाई वे सभी कर्मी, विभिन्न प्रखण्डों में कार्य कर रहे चाइल्डलाइन सर्विस के प्रतिनिधि, पीरामल फाउण्डेशन के प्रतिनिधि, रेस्टलेस डेवलप-भेंट के प्रतिनिधि, संस्था जनलोक उल्याण परिषद्, पाकुड़ के प्रतिनिधि शामिल थे।
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