थाना क्षेत्र में बड़ी आसानी से बंगाल को हो रही दिन रात पशु की तस्करी।
रिपोर्ट–धीरेन साहा
महेशपुर प्रखंड के शहरग्राम–राजग्राम रास्ते धड़ल्ले से हो रही है पशु तस्करी का काला कारोबार चरम पर है। प्रशासन के लाख प्रयास करने के बाबजूद पशु तस्कर प्रशासन के नाक के नीचे से पशु तस्करी का काला कारोबार धड़ल्ले से कर रहा है। महेशपुर प्रखंड के विभिन्न इलाकों से इन दिनों पशु तस्करी का कारोबार चरम पर है, प्रखंड के शहरग्राम, पोखरिया, पचुईवेडा, पीरपहाड़, गोबिंदपुर आदि क्षेत्र से तस्कर के लिए सेफ्जोन बना हुआ है तथा माफियाओं शहरग्राम – राजग्राम रास्तों से होकर आसानी से मवेशियों को पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल ले जाते है। इस कार्य में प्रशासन अंकुश लगाने से विफल दिख रहा है। आपको बता दे की कुछ दिन पूर्व ही पूर्व उपायुक्त वरुण रंजन पाकुड़ द्वारा गुप्त छापे मारी कर शहरग्राम पंचायत के अमलागाछी गांव में दर्जनों मवासियो को जप्त किए थे। महेशपुर प्रखंड में रोजाना हो रहे पशु तस्करी को लेकर पूर्व उपायुक्त के द्वारा गुप्त सूचना पर छापेमारी कर दर्जनों मवेसियो को जप्त किया था। जबकि रोजाना चल रहे पशु तस्करी में ऐसा कोई सफलता महेशपुर पुलिस के हाथ नही लगी है, इससे ये साफ पता चल रहा है की रोजाना हो रहे पशु तस्करी में सब मिले हुए है,जिम्मेदार की कृपा से ही तो ये सब संभव है तभी तो महेशपुर प्रखंड में पशु तस्करी खूब दिन रात फल फूल रहा है।
महेशपुर थाना में किसकी मिली भगत से हो रहा है ये कार्य
सवाल उठना लाजिमी है की महेशपुर प्रखंड में इतने पुलिस अधाकारी रहने के बावजूद भी पशु तस्करी को नही रोक पा रहे है इन माफियाओं को। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार माफियाओं की माने तो कोई भीम नमक व्यक्ति है जो माफिया और जिम्मेदार के बीच की कड़ी है।भीम के द्वारा काफी लोगों को प्रसाद प्राप्त होता है।










