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June 18, 2026 11:55 pm

होल्डिंग टैक्स में वृद्धि और मनमाने जल शुल्क के खिलाफ मुखर हुआ पाकुड़ चैंबर ऑफ कॉमर्स

प्रेस वार्ता कर नगर परिषद क्षेत्र की जनसमस्याओं पर जताई गहरी चिंता

दुकानों का किराया, ट्रेड लाइसेंस की अवधि और टोल टैक्स पर पुनर्विचार करने की सरकार से मांग

पाकुड़ नगर परिषद क्षेत्र के व्यापारियों एवं आम नागरिकों की ज्वलंत समस्याओं को लेकर पाकुड़ चैंबर ऑफ कॉमर्स ने आर-पार की लड़ाई का मूड बना लिया है। गुरुवार को अंबेडकर चौक के समीप आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता में चैंबर के पदाधिकारियों ने साफ कहा कि शहर के विकास के नाम पर आम जनता और व्यवसायियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ लादना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए चैंबर ऑफ कॉमर्स के सचिव संजीव खत्री ने कहा कि पाकुड़ नगर परिषद क्षेत्र में बढ़ाए गए होल्डिंग टैक्स की दरें अव्यावहारिक हैं।उन्होंने सरकार से इसकी तत्काल समीक्षा कर दरों में यथोचित कमी करने की मांग की ताकि नागरिकों को राहत मिल सके।

₹7,000/- कनेक्शन शुल्क पर भारी आपत्ति

चैंबर के पदाधिकारियों ने शहरी जलापूर्ति योजना का स्वागत तो किया, लेकिन इसके तहत तय किए गए शुल्क ढांचे को पूरी तरह जनविरोधी बताया। कोषाध्यक्ष पार्थ बनर्जी ने कहा कि ₹7,000/- का कनेक्शन शुल्क और प्रति 1,000 लीटर पानी पर ₹7/- की दर बेहद अधिक है। अधिक से अधिक लोगों को इस योजना से जोड़ने के लिए कनेक्शन शुल्क को तर्कसंगत बनाया जाना चाहिए और छोटे व्यापारियों के हितों की रक्षा होनी चाहिए।सहसचिव बृजमोहन शाह ने नगर परिषद की दुकानों के किराए का मुद्दा उठाते हुए कहा कि पूर्व निर्धारित एग्रीमेंट के आधार पर प्रति तीन वर्ष में अधिकतम 10% की ही वृद्धि की जानी चाहिए, न कि एकतरफा और मनमाने ढंग से। इसके अलावा, ट्रेड लाइसेंस नवीकरण के दौरान दी जा रही 15 से 21 दिनों की प्रोविजनल अवधि को बढ़ाने और होल्डिंग टैक्स व ट्रेड लाइसेंस के लिए विशेष शिविर लगाने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई।

बुनियादी सुविधाओं की बदहाली और टोल टैक्स का विरोध

प्रेस वार्ता में उपस्थित संतोष केजरीवाल, सुरेश बकरीवाल और उपस्थित अन्य व्यवसायियों ने कहा कि शहर में नियमित पेयजल आपूर्ति, नालियों की सफाई, स्वच्छता और स्ट्रीट लाइटों के रख-रखाव की स्थिति दयनीय है। इसके साथ ही नगर परिषद क्षेत्र में लगाए जा रहे नए टोल टैक्स पर भी कड़ा रोष व्यक्त किया गया। चैंबर का मानना है कि इस टोल टैक्स का सीधा प्रतिकूल प्रभाव स्थानीय व्यापार और आम जनता की जेब पर पड़ रहा है।

विभाग को भेजा मांग पत्र

चैंबर ऑफ कॉमर्स द्वारा इन सभी मांगों को लेकर नगर विकास एवं आवास विभाग, झारखंड सरकार के सचिव को एक आधिकारिक मांग पत्र भी प्रेषित किया गया है। इसकी प्रतियां पाकुड़ के उपायुक्त और नगर परिषद के प्रशासक को भी आवश्यक कार्रवाई हेतु भेजी गई हैं।चैंबर ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि इन गंभीर जनसमस्याओं और व्यापारिक हितों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए आवश्यक कदम नहीं उठाए गए, तो व्यापारी समाज आम जनता के साथ मिलकर आंदोलन को बाध्य होगा।

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