सतनाम सिंह
गंदगी की वजह से मलेरिया और डेंगू की संभावना बढ़ सकती है।
पाकुड़। स्वच्छता ही जीवन का आधार है। पर पाकुड़ नगर परिषद क्षेत्र में कई स्थानों पर गंदगी के अंबार है। एक तरफ स्वच्छता पखवाड़ा अभियान चलाया जाता है और दूसरी तरफ जहां गंदगी है वहां किसी की नजर नहीं पड़ती। स्वच्छता पखवाड़ा अभियान विशेष कर मुख्य सड़कों के किनारे ही चलाया जाता रहा है । 2 अक्टूबर के पहले और बाद भी कई स्थानों पर गंदगी देखी जा रही है। वर्तमान में हरिनडंगा बाजार में हरिन चौक से खुदीराम बोस चौक तक सड़क किनारे जहां-तहां गंदगी पसरा हुआ है, सिंधी पाड़ा,तांती पाड़ा रोड,जहां सड़क बनी, नाली भी बनी,लेकिन इंजीनियर की विफलता तो देखिए नाली बनाने के बाद भी नाली का पानी अन्नपूर्णा कॉलोनी के अंदर नाले की तरह बहती है, जिससे आने जाने वाले राहगीरों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है । यही हल कई गली मोहल्ले में भी है । नगर थाना के सामने बात करें जहां शाम में कई दुकानों का स्टॉल लगाए जाते हैं और गंदगी वहीं पर फेंक के चले जाते हैं। फल स्वरुप वहां प्रायः गंदगी देखा जाता है। जबकि नगर परिषद में स्वच्छता हेतु विशेष सुपरवाइजर व्यवस्था की गई है। बाबजूद इस पर कोई विशेष ध्यान नहीं दिया जाता। इसी प्रकार से मच्छर भागने वाले यंत्र का प्रयोग उचित रूप से नहीं किया जा रहा है। केवल कहीं भी चालू करके एक वीडियो बना लेना और फिर तुरंत मशीन बंद कर देना । जिससे मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है। पिछले एक हफ्ते से लगातार बारिश होने के कारण जगह-जगह जल जमाव व कीचड़ स्वाभाविक रूप से होते हैं, और उस पर कचरे की ढेर मानो चार चांद लग रहा हो। यदि बरसात के दिनों में स्वच्छता का अभाव हो तो फिर डेंगू और मलेरिया से बचाव कैसे किया जा सकता है।






