अब्दुल अंसारी
पाकुड़िया प्रखंड अंतर्गत मोहुलपहाड़ी में लोक कल्याण सेवा केंद्र एवं जिला बाल संरक्षण इकाई पाकुड़ के द्वारा संयुक्त रूप से बाल विवाह मुक्त उन्मूलन हेतु एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन माननीय उप मुखिया जियोन मरांडी की अध्यक्षता में गुरुवार को की गई। इस कार्यशाला में उपस्थित सभी जनप्रतिनिधि , स्वास्थ्य सहिया, आंगनबाड़ी सेविका, जल सहिया एवं को बाल विवाह मुक्त अभियान को लेकर विस्तृत रूप से बताया गया पंचायत में बाल विवाह मुक्त जागरूकता के लिए उपस्थित सभी को बाल सुरक्षा, बाल विवाह के बारे में बताया गया कि बाल विवाह कैसे हमारे समाज के लिए एक अभिशाप है इसको रोकने के लिए ग्राम स्तर सभी को मिलकर जागरूकता करने की बात कही गई। साथ ही साथ यह भी बताया गया कि 18 वर्ष से कम लड़की एवं 21 वर्ष से कम लड़का यदि शादी होती है तो उसकी सूचना पंचायत स्तर पर पंचायत सचिव सह पंचायत स्तरीय बाल विवाह उन्मूलन पदाधिकारी एवं मुखिया को दें।, लोक कल्याण सेवा केंद्र राजीव रंजन द्वारा पंचायत स्तरीय कार्यशाला उपस्थित प्रतिभागी को बाल विवाह मुक्त करने हेतु मुख्य चार बातें कहीं गई -सशक्त किशोर किशोरिया,परिवार एवं समुदाय को संगठित करना,सरकारी सुविधाओं और सेवाओं का समुचित। सावित्री फुले बाई योजना के तहत वर्ग अष्टम नवम को सरकार के द्वारा वार्षिक ढाई हजार रुपया खाते में जमा होती है एवं दसवीं ग्यारहवीं एवं बारहवीं वर्ग के बच्ची को उनके खाते में वार्षिक ₹5000 जमा की जाती है इस योजना से बच्चियां विद्यालय जुड़ने लगी। कानूनों और नीतियों की स्थापना और कार्यान्वयनसभी स्टेक होल्डर को को बताया गया कि बाल विवाह कानून में सजा और दंड दोनों का प्रावधान किया गया है। पंचायत के विजयपुर स्थित उप स्वास्थ्य केंद्र के सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारी श्री राजेश कुमार द्वारा बताया गया कि कम उम्र की लड़कियों की शादी दे देने से उसके स्वास्थ्य एवं पोषण पर प्रभाव पड़ता है जिसके तहत बच्चियों को खून की कमी से एनीमिया जैसे रोग हो सकते हैं पोषण के बिना स्वस्थ बच्चा और मां का विकास नहीं हो पता है जिसके कारण जच्चा बच्चा दोनों को खतरा हो सकता है । साथ ही साथ मोहुलपहाड़ी हाई स्कूल में छात्रों के साथ बाल विवाह, बाल तस्करी व अन्य सरकारी योजना के बारे मे बताया गया।
इस कार्यक्रम में संस्था के किरण मडै़या, सबिना हेंब्रम,एवं ललिता देवी व अन्य ग्रामवासी उपस्थित हुए।





