अक्षय कुमार
रामगढ़। गुरुवार को राधा गोविन्द विश्वविद्यालय, रामगढ़ के इतिहास विभाग द्वारा धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि के अवसर पर एक विशेष व्याख्यान माला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के स्नातक एवं स्नातकोत्तर स्तर के इतिहास विभाग के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य भगवान बिरसा मुंडा के जीवन, संघर्ष, आदिवासी समाज में उनके योगदान तथा भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में उनकी ऐतिहासिक भूमिका को समझना और नई पीढ़ी तक उनके विचारों को पहुंचाना था। कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान बिरसा मुंडा के चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर किया गया।

उपस्थित शिक्षकों, पदाधिकारियों एवं विद्यार्थियों ने धरती आबा को नमन करते हुए उनके आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प लिया। विश्वविद्यालय के कुलाधिपति बी. एन. साह ने अपने संबोधन में कहा कि भगवान बिरसा मुंडा का जीवन हमें साहस, नेतृत्व और समाज के प्रति समर्पण की प्रेरणा देता है। सचिव प्रियंका कुमारी ने कहा कि विश्वविद्यालयों की जिम्मेदारी केवल शिक्षा प्रदान करना नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को अपने महान इतिहास और प्रेरणादायक व्यक्तित्वों से परिचित कराना भी है। कुलपति प्रो (डॉ.) रश्मि ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि भगवान बिरसा मुंडा भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के उन महान सेनानियों में शामिल हैं, जिन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद ब्रिटिश सत्ता को चुनौती दी। कुलसचिव प्रो (डॉ.) निर्मल कुमार मंडल ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा का योगदान भारतीय इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में अंकित है।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए इतिहास विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. पूनम ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा केवल एक जनजातीय नायक ही नहीं थे, बल्कि वे सामाजिक चेतना, सांस्कृतिक पहचान और अन्याय के विरुद्ध संघर्ष के प्रतीक थे। उन्होंने कहा कि बिरसा मुंडा ने अत्यंत कम आयु में ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन, शोषणकारी व्यवस्था और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जिस जन आंदोलन का नेतृत्व किया, वह भारतीय इतिहास की एक महत्वपूर्ण घटना है। उनका उलगुलान आंदोलन केवल राजनीतिक विद्रोह नहीं था, बल्कि जल, जंगल और जमीन की रक्षा तथा स्वाभिमान की लड़ाई थी। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के वित्त एवं लेखा पदाधिकारी डॉ संजय कुमार, परीक्षा नियंत्रक प्रो (डॉ)अशोक कुमार, प्रबंध समिति सदस्य अजय कुमार, विभाग के अन्य व्याख्यातगण छात्र -छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मंच संचालन डॉ. ममता द्वारा किया गया।





