अब्दुल अंसारी
पाकुड़िया देश में सरना धर्म कोड लागू करने की मांग को लेकर आदिवासी सेंगेल अभियान के कार्यकर्ताओ ने शनिवार को पाकुड़िया से महेशपुर जानेवाली पीडब्ल्यूडी मुख्य पथ को तालवा चौक पर जाम कर दिया । शनिवार की सुबह सेंगेल अभियान के गोमस्ता टुडू,दिनेश सोरेन,सोलेमान किस्कू,कामेश्वर हांसदा,सुहागिनी मुर्मू,फिलिफ सोरेन,मनोज मरांडी,रामजीत टुडू सहित दर्जनों कार्यकर्ताओ ने ढोल नगाड़े बजाते हुए तलवा चौक पर पहुंचे और सरना धर्म कोड लागू करने की नारा लगाते हुए सड़क को जाम कर दिया। जाम के कारण दोनो ओर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गई। यात्रियों को घोर परेशानी उठानी पड़ी। प्रशासन के अनुरोध पर दोपहर करीब एक बजे सेंगेल अभियान के कार्यकर्ताओ ने सड़क जाम हटा लिया और पुनः आवागमन शुरू हो गई। मौके पर अभियान के कार्यकर्ता गोमस्ता टुडू ने बताया कि सरना धर्म कोड भारत के प्रकृति पूजक लगभग 15 करोड़ आदिवासियों के अस्तित्व की पहचान एवं जीवन रेखा है । आदिवासियों को उनकी धार्मिक आजादी से वंचित करने के लिए कांग्रेस एवं भाजपा दोनो दोषी हैं, 1951 की जनगणना तक यह प्रावधान था। जिसे बाद में कांग्रेस ने हटा दिया और अब भाजपा जबरन आदिवासियों को वनवासी और हिंदू बनाना चाहती है। 2011 की जनगणना में 50 लाख आदिवासियों ने सरना धर्म लिखाया था जबकि जैन की संख्या 44 लाख थी अतः आदिवासियों को मौलिक अधिकार से वंचित करना संवैधानिक अपराध जैसा है। सरना धर्म कोड के बगैर आदिवासियों को जबरन हिंदू, मुसलमान या ईसाई बनाना धार्मिक गुलामी को मजबूर करना है, सरना धर्म कोड की मान्यता मानवता और प्रकृति पर्यावरण की सुरक्षा भी अनिवार्य है।





