पाकुड़। नालसा की ड्रग अवेयरनेस एंड वेलनेस नेवीगेशन फॉर ए ड्रग्स फ्री इंडिया (डॉन) योजना के तहत सोमवार को केकेएम कॉलेज में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पाकुड़ के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को नशे के दुष्प्रभाव, कानूनी प्रावधान, उपचार, पुनर्वास और निःशुल्क विधिक सहायता की जानकारी दी गई। स्थायी लोक अदालत के सदस्य राजीव कुमार झा ने कहा कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य के साथ-साथ परिवार और समाज को भी प्रभावित करता है। उन्होंने नशे की लत से बाहर निकलने, पुनर्वास और कानूनी सहायता से संबंधित प्रावधानों की जानकारी दी। डीएसपी मुख्यालय उज्ज्वल कुमार साहा ने मादक पदार्थों के सेवन और कारोबार के खिलाफ लागू कड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी देते हुए युवाओं को नशे से दूर रहने की अपील की। प्रभारी प्राचार्य डॉ. युगल झा ने कहा कि शिक्षा और जागरूकता के जरिए युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाया जा सकता है। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं के सवालों के जवाब देकर नशामुक्त समाज के निर्माण को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई। वक्ताओं ने नशे से पीड़ित लोगों को निःशुल्क विधिक सहायता, पुनर्वास और समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के उपायों की जानकारी दी। नालसा के टोल फ्री नंबर 15100 पर कानूनी सहायता लेने की जानकारी भी दी गई। अंत में सभी ने नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का सामूहिक संकल्प लिया। कार्यक्रम में डॉ. स्वीटी मरांडी, डॉ. सुनील कुमार गुप्ता, डॉ. मनोहर कुमार, डॉ. महाकाल कुमार, डॉ. अजीजुर रहमान, नसीरुद्दीन शेख, मो. हैदर अली समेत शिक्षक, पारा लीगल वॉलंटियर्स और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। मंच संचालन जेडएच विश्वास ने किया।








