पाकुड़ जिले के लिट्टीपाड़ा और महेशपुर प्रखंडों में भारत की जनगणना–2027 को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं। एक ओर लिट्टीपाड़ा में प्रगणकों और पर्यवेक्षकों का प्रशिक्षण आयोजित किया गया, वहीं दूसरी ओर महेशपुर में स्व-गणना अभियान की शुरुआत जनप्रतिनिधियों की भागीदारी के साथ की गई।
लिट्टीपाड़ा स्थित राजकीयकृत +2 विद्यालय में प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों के द्वितीय बैच का तीन दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न हुआ। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को मकान सूचीकरण, जनसंख्या गणना की प्रक्रिया, मोबाइल ऐप के उपयोग, डेटा सुरक्षा तथा स्व-गणना के तरीकों की विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि आधुनिक तकनीक के उपयोग से इस बार जनगणना प्रक्रिया को अधिक सटीक, पारदर्शी और प्रभावी बनाया जा रहा है। समापन अवसर पर सभी कर्मियों को जिम्मेदारी और सटीकता के साथ कार्य करने का निर्देश दिया गया। इसी क्रम में लिट्टीपाड़ा प्रखंड कार्यालय में स्व-जनगणना अभियान के तहत मुखिया, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों द्वारा स्वयं गणना करायी गई। प्रखंड विकास पदाधिकारी संजय कुमार ने लोगों से अपील की कि वे स्व-गणना में बढ़-चढ़कर भाग लें और इस राष्ट्रीय कार्य को सफल बनाएं। वहीं महेशपुर प्रखंड में 1 मई से 15 मई तक चलने वाले स्व-गणना अभियान का शुभारंभ जिला परिषद सदस्या गेमेलिना सोरेन के आवास से किया गया। इस दौरान अपर समाहर्ता जेम्स सुरीन, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी चंद्रजीत खलको सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने बताया कि पहले चरण में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना की जा रही है, जिसके बाद दूसरे चरण में जनसंख्या गणना की जाएगी।अधिकारियों ने आम लोगों से अपील की है कि वे निर्धारित अवधि के भीतर स्व-गणना पोर्टल या मोबाइल ऐप के माध्यम से अपने परिवार की सही जानकारी दर्ज करें, ताकि जनगणना–2027 का कार्य सफलतापूर्वक पूरा हो सके।


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