कांग्रेस प्रदेश महासचिव सह पाकुड़ विधायक निसार आलम के पुत्र तनवीर आलम शुक्रवार को पाकुड़ जिला कांग्रेस कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ संवाद कार्यक्रम में भाग लिया। बैठक के दौरान उन्होंने संगठन की मजबूती के साथ-साथ क्षेत्रीय समस्याओं पर गंभीरता से विचार-विमर्श किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कांग्रेस जिला अध्यक्ष श्रीकुमार ने की। संवाद के दौरान कार्यकर्ताओं ने गांव-गांव से जुड़ी जमीनी समस्याएं सामने रखीं — जिनमें जर्जर ग्रामीण सड़कें, बिजली की अनियमित आपूर्ति, स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली और सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की भारी कमी जैसे अहम मुद्दे शामिल रहे। तनवीर आलम ने सभी समस्याओं को गंभीरता से सुना और भरोसा दिलाया कि इन्हें प्राथमिकता के आधार पर संबंधित विभागों तक पहुँचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि पाकुड़ जैसे सीमावर्ती और आदिवासी बहुल क्षेत्र में सरकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन बेहद जरूरी है, ताकि आम जनता को उनके हक का लाभ मिल सके। कार्यक्रम में कुछ ग्रामीण अपनी व्यक्तिगत शिकायतें लेकर भी पहुंचे, जिनका मौके पर ही समाधान किया गया। इस पर तनवीर आलम ने कहा, शिक्षा, स्वास्थ्य और बिजली — ये तीन ऐसे मूलभूत क्षेत्र हैं जिन पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है, खासकर उन इलाकों में जहां आज भी लोग बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं को सुनें और उन्हें सरकार तक पहुँचाने में सक्रिय भूमिका निभाएं। साथ ही उन्होंने संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की दिशा में लगातार काम करने पर भी जोर दिया। कार्यक्रम के अंत में तनवीर आलम ने यह संकेत भी दिया कि आने वाले समय में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ मिलकर पाकुड़ विधानसभा क्षेत्र में जनसंपर्क और जनसेवा कार्यक्रमों को और तेज किया जाएगा। इस मौके पर कार्यक्रम में मौजूद प्रमुख नेताओं में प्रखंड अध्यक्ष मांसारुल हक, विधायक प्रतिनिधि गुलाम अहमद, प्रदेश सचिव सेमिनुल इस्लाम, जिला प्रवक्ता मुख्तार हुसैन, कोषाध्यक्ष असद हुसैन, पर्यवेक्षक अशोक दास व देबू विश्वास, अल्पसंख्यक जिला अध्यक्ष शाहीन परवेज, जिला सचिव सेलिम हुसैन, सोशल मीडिया जिला अध्यक्ष पियारुल इस्लाम, महिला जिला अध्यक्ष शहनाज बेगम, युवा जिला अध्यक्ष बिलाल शेख, ओबीसी विभाग के जिला अध्यक्ष अमीर हमजा उर्फ मिस्टर, हबीबुर रहमान, जहीरुल इस्लाम, नजरुल इस्लाम, जलालुद्दीन, अकबर, सानू शेख, मोहम्मद नसीम (तारानगर) सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।





