बजरंग पंडित
पाकुड़। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) जिला कमेटी की ओर से शनिवार को स्थानीय एवं राज्य की जनसमस्याओं को लेकर पाकुड़ न्यायालय के समीप मुख्य सड़क किनारे एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन और नुक्कड़ सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पार्टी के महिला, किसान और छात्र संगठनों के कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया।
धरना को संबोधित करते हुए महिला संगठन की प्रदेश अध्यक्ष शिवानी पाल ने कहा कि बढ़ती महंगाई, महिलाओं की सुरक्षा, बेरोजगारी और जनहित से जुड़े मुद्दों पर सरकार पूरी तरह विफल साबित हुई है। उन्होंने कहा कि आम जनता लगातार समस्याओं से जूझ रही है, लेकिन उनकी आवाज सुनने वाला कोई नहीं है। छात्र संगठन एसएफआई के जिला सचिव श्रीचरण कुनाई ने सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की भारी कमी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि पर्याप्त शिक्षक नहीं होने से छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। उन्होंने स्वास्थ्य, बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं में सुधार की मांग की। माकपा के जिला सचिव गोपीन सोरेन ने कहा कि रसोई गैस, पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों ने आम लोगों के साथ-साथ किसानों की कमर तोड़ दी है। खेती की लागत लगातार बढ़ रही है, जबकि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है। उन्होंने स्थानीय युवाओं को रोजगार, बेरोजगारी भत्ता और भ्रष्टाचार पर रोक लगाने की मांग उठाई। धरना-प्रदर्शन के बाद माकपा प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त को 13 सूत्री मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में नियमित बिजली आपूर्ति, पेट्रोल-डीजल एवं रसोई गैस की बढ़ी कीमतों की वापसी, भ्रष्टाचार और महंगाई पर नियंत्रण, बीड़ी मजदूरों के लिए न्यूनतम मजदूरी लागू करने, किसानों के लिए सिंचाई सुविधा, फसलों का उचित मूल्य, बेहतर कानून व्यवस्था, विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति, अस्पतालों में डॉक्टर एवं नर्सों की बहाली, मईया सम्मान योजना की राशि का नियमित भुगतान तथा सरकारी संस्थानों में 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने समेत कई मांगें शामिल हैं।
धरना में पार्टी के विभिन्न जनसंगठनों के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।








