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April 16, 2026 2:07 am

डीएसओ ने धान अधिप्राप्ति केंद्रों का किया निरीक्षण,किसान पंजीकरण और अधिप्राप्ति में तेजी लाने का दिया निर्देश

सतनाम सिंह

पाकुड़ जिले में इस वर्ष धान खरीद का लक्ष्य 2 लाख क्विंटल निर्धारित किया गया है, और इसके लिए प्रशासन ने पूरे जिले में धान की अधिप्राप्ति प्रक्रिया को गति देने के लिए जरूरी कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। जिला आपूर्ति पदाधिकारी अभिषेक कुमार सिंह ने शनिवार को पाकुड़ सदर प्रखंड के सीतापहाड़ी, कालिदासपुर और चेंगाडांगा लैम्पस का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान डीएसओ अभिषेक कुमार सिंह ने लैम्पस के सदस्य और सचिवों को यह निर्देश दिया कि वे अधिक से अधिक किसानों का पंजीकरण करें। उन्होंने कहा कि जिले में कोई भी किसान धान देने से वंचित नहीं रहेगा और सभी किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलेगा।

किसानों के लिए खुले हैं 21 लैंप्स

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जिला आपूर्ति पदाधिकारी ने यह भी बताया कि जिले में कुल 21 लैंप्स में धान अधिप्राप्ति की प्रक्रिया चल रही है। इन लैंप्स के माध्यम से किसानों को उनके द्वारा उत्पादित धान की बिक्री का अवसर मिल रहा है। कहा कि “हमारी प्राथमिकता यह है कि कोई भी किसान धान देने से वंचित न हो और सभी किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य मिले।निरीक्षण के दौरान, डीएसओ ने लैंप्स के सचिवों को पंजीकरण की प्रक्रिया में तेजी लाने की अपील की। उन्होंने कहा कि धान की अधिप्राप्ति समय पर और सही तरीके से की जाएगी, इसके लिए सभी लैंप्स को पूरी तरह से तैयार रहना होगा। उन्होंने किसानों से भी अपील की कि वे अपनी धान की फसल को जल्द से जल्द पंजीकरण कराकर लैंप्स में बेचें, ताकि कोई असुविधा न हो। जिला प्रशासन ने पूरी व्यवस्था की है और किसानों को किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ेगा। इसके लिए सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।

पाकुड़ जिले में धान खरीद अभियान को लेकर सकारात्मक माहौल

पाकुड़ जिले में धान खरीद की इस प्रक्रिया को लेकर किसानों में सकारात्मक माहौल देखा जा रहा है।अधिकांश किसान प्रशासन की इस पहल का स्वागत कर रहे हैं और अपनी फसल को बेचेने के लिए तैयार हैं। प्रशासन की ओर से उचित मूल्य और समय पर भुगतान का वादा किसानों को आश्वस्त कर रहा है। साथ ही, जिला प्रशासन ने सभी लैंप्स को यह निर्देश दिया है कि धान खरीद में पारदर्शिता बनी रहे और किसी भी किसान को परेशान न किया जाए। इस पहल से न केवल किसानों को राहत मिल रही है, बल्कि यह सुनिश्चित हो रहा है कि जिले में धान की पर्याप्त आपूर्ति हो और किसानों को उनके उत्पादन का पूरा मूल्य मिले। निरीक्षण के दौरान प्रखंड सहकारिता प्रसार पदाधिकारी प्रमोद कुमार मौजूद थे।

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