पाकुड़ | भारत रत्न सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की जयंती पर सोमवार को पाकुड़ पॉलिटेक्निक परिसर में इंजीनियर्स डे धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर छात्रों की प्रतिभा और रचनात्मकता को मंच देने के लिए प्रोजेक्ट डेमोंस्ट्रेशन का आयोजन हुआ, जिसमें विभिन्न विभागों के विद्यार्थियों ने अपनी नवोन्मेषी तकनीकों और विचारों को प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का उद्घाटन प्राचार्य डॉ. सुषमा यादव ने किया। उन्होंने छात्रों को हर परिस्थिति में सकारात्मक भूमिका निभाने का आह्वान किया और कहा कि तकनीकी ज्ञान का सही उपयोग कर ही राष्ट्र निर्माण में सार्थक योगदान दिया जा सकता है। मुख्य अतिथि जिला शिक्षा पदाधिकारी अनीता पुर्ती ने छात्रों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इंजीनियरिंग सदैव सामाजिक उत्तरदायित्व से जुड़ी होनी चाहिए। उन्होंने छात्रों को निरंतर नवाचार करते रहने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम में ऑनलाइन जुड़कर संस्थान के वरिष्ठ शिक्षाविद् अमिया रंजन बरजेना ने सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया को नमन करते हुए कहा कि अभियंता केवल तकनीकी विशेषज्ञ ही नहीं बल्कि समाज कल्याण की दिशा में मार्गदर्शक भी होते हैं। उन्होंने छात्रों से उनके पदचिह्नों पर चलने और तकनीकी ज्ञान को समाज हित में लगाने का आह्वान किया।
छात्रों द्वारा प्रस्तुत प्रोजेक्ट उनकी सृजनात्मकता और समस्या समाधान क्षमता का जीवंत उदाहरण बने। प्रोजेक्ट डेमोंस्ट्रेशन में बीएसएच विभाग का एआई आधारित रोबोट प्रथम पुरस्कार का हकदार बना, मैकेनिकल विभाग का पावर बूस्टर दूसरे स्थान पर रहा और बीसीए विभाग का स्मार्ट डस्टबिन तीसरे स्थान पर चुना गया। प्रशासनिक पदाधिकारी निखिल चंद्र और सभी संकाय सदस्य इस अवसर पर मौजूद रहे। कार्यक्रम ने यह साबित किया कि इंजीनियरिंग केवल जानकारी तक सीमित नहीं है बल्कि समस्याओं का सुंदर समाधान खोजने और तकनीकी परिवर्तन की संगठित शक्ति को दिशा देने की कला है।








