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September 3, 2026 9:26 am

कान्हा बने नन्हे-मुन्ने तो राधा के रूप में सजीं बच्चियां, डीपीएस तिसरी में गूंजा ‘नंद के घर आनंद भयो’

राधा-कृष्ण की मनमोहक झांकी और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां, भक्तिमय हुआ विद्यालय परिसर


पिंटू कुमार

तिसरी/गिरिडीह।किसी के सिर पर मोर मुकुट, हाथों में बांसुरी तो कोई राधा के रूप में सजी नजर आईं। नन्हे-नन्हे कदमों से जब कान्हा और राधा मंच पर पहुंचे तो तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा विद्यालय परिसर गूंज उठा। मौका था जन्माष्टमी का। बुधवार को दिल्ली पब्लिक स्कूल, तिसरी में आयोजित जन्माष्टमी समारोह में बच्चों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं और राधा-कृष्ण के प्रेम को जीवंत कर दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना और दीप प्रज्वलन से हुई। इसके बाद विद्यार्थियों ने बाल कृष्ण का रूप धारण कर उनकी विभिन्न लीलाओं की प्रस्तुति दी। राधा-कृष्ण की झांकी, भक्ति गीत और नृत्य ने समारोह में भक्ति और उल्लास का रंग भर दिया। मंच पर सजे नन्हे कान्हा और राधा को देखकर अभिभावक और शिक्षक भी भाव-विभोर नजर आए।
बच्चों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़े प्रसंगों को आकर्षक अंदाज में प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के जरिए विद्यार्थियों ने प्रेम, करुणा, सत्य, धर्म और कर्तव्य के महत्व का संदेश दिया। विद्यालय परिसर में पूरा दिन कृष्ण भक्ति और उत्सव का माहौल बना रहा।
प्रधानाचार्य ने बच्चों और अभिभावकों को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि कर्म, सत्य, प्रेम और कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणा भी देता है। विद्यार्थियों को उनके जीवन और शिक्षाओं से प्रेरणा लेकर अपने जीवन में अच्छे संस्कार अपनाने चाहिए।
समारोह के समापन पर विद्यालय परिवार ने बच्चों की प्रस्तुतियों की सराहना की। अभिभावकों ने भी बच्चों के अभिनय, नृत्य और वेशभूषा की जमकर प्रशंसा की। जन्माष्टमी समारोह ने विद्यालय में पढ़ाई के साथ भारतीय संस्कृति और परंपराओं से बच्चों को जोड़ने का संदेश भी दिया।

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