जंगलों से पेड़ों की अवैध रूप से कटाई पर्यावरण के लिए बहुत बड़ा खतरा।
जीडी न्यूज लाइव में जंगलों से पेड़ों की अवैध रूप से कटाई को लेकर छापी गई थी खबर जिसके बाद हरकत में आया वन विभाग,लगातार की जा रही है छापेमारी।
प्रशांत मंडल
लिट्टीपाड़ा (पाकुड़)बहुचर्चित फिल्म पुष्पा में दिखाई गई चंदन की तस्करी हर किसी को याद होगी। ठीक वैसे पाकुड़ ज़िले के लिट्टीपाड़ा थाना क्षेत्र के चोडगो गांव के वन में तस्करों द्वारा सखुआ की लकड़ी तस्करी करते देखा गया है। पाकुड़ वन विभाग ने कार्रवाई कर मौके से 20 ताजा सखुआ की लकड़ी जब्त की है।वन परिसर पदाधिकारी बबलू कुमार देहरी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वन से पेड़ की कटाई को लेकर लगातार गश्ती की जाती है इसी क्रम में शुक्रवार को अहले सुबह चोड़गों सुरक्षित वन पहुँचे तो देखा कि जंगल में कुछ अज्ञात लोगों के द्वारा लकड़ियों को एकत्रित कर भोजन पकाया जा रहा है तथा एक और लकड़ी की कटाई गश्ती दल को देखते ही खाना पका रहे कुछ लोग एवं पेड़ काट रहे कुछ अज्ञात लोग अफरा-तफरी में अपना हड़ीया, देगची एवं आरी पत्ती ईघर ऊधर फेकते हुए भागने लगे। गश्ती दल द्वारा उनका पीछा किया गया परन्तु सभी लोग भागने में सफल रहे। भागने के क्रम में ही इस घटना के मुख्य शतिर वन अपराधी अमड़ापारा थाना क्षेत्र के बोहड़ा निवासी निमाई पंडित और राजकुमार पंडित के रूप में पहचान किया गया।उक्त सभी लकड़ी को अवैध मानते हुए भारतीय वन अधिनियम 11927 (बिहार संशोधन अधिनियम 9/1990) की धारा 33, 41, 42, 52, सह पठित झारखंड काष्ठ तथा अन्य वनोपज के अभिवहन का विनियमन की नियमावली, 2020 की धारा-18 के उलंघन करने के जुर्म में धारा 52 के अंतर्गत जब्ती की कार्रवाई की गई है।साथ ही उक्त जब्त 20 पीस ताजा कटा सखुआ बोटा को सुरक्षार्थ हेतु वन क्षेत्र परिसर लिट्टीपाड़ा में लाई गई है। वन परिसर पदाधिकारी बबलु कुमार देहरी ने बताया की पाकुड़ में जिस तरह से पुष्पा राज-02 का खेल इन वन माफियाओं के द्वारा खेला जा रहा है. इनको शीघ्र ही दबोच लिया जायेगा, इनके विरुद्ध लगातार छापामारी जारी है, ऐसे शातिर अपराधियों को तुरन्त गिरफ्तार कर जेल भेजने के लिए वन विभाग कमर कस ली है। गश्ती दल की कमान मुख्य रूप बबलु कुमार देहरी, वन परिसर पदाधिकारी, पाकुड़ ने संभाल रखा है, गश्ती दल में सुनील कुमार साहा, अनुपम कुमार यादव, स्टीफन हेम्ब्रम, वनरक्षी के साथ गृहरक्षक जवान करण यादव, भोला दास, नीतू अंसारी, विन्दु घोष एवं वनकर्मी संजीव कर्मकार दिनेश मुर्मू तौसीफ अंसारी सहित अन्य वनकर्मी शामिल थे।





