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October 21, 2026 2:02 am

एमएमडीआर संशोधन झारखंड के हित में, अवैध खनन पर चोट से बौखलाया झामुमो-कांग्रेस: बाबूलाल मरांडी।

पाकुड़ परिसदन में झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता बाबूलाल मरांडी ने केंद्र सरकार के MMDR (खान एवं खनिज विकास एवं विनियमन) अधिनियम में संशोधनों को राज्य और देश के आर्थिक हित में बताते हुए झामुमो-कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि गठबंधन के नेता संशोधनों का विरोध इसलिए कर रहे हैं, क्योंकि इससे अवैध खनन और अनियमित वसूली पर अंकुश लगेगा। बाबूलाल मरांडी ने कहा कि MMDR कानून पूरे देश में लागू है और इसका उद्देश्य खनिज संसाधनों के दोहन को व्यवस्थित कर वैध खनन को बढ़ावा देना है। उन्होंने राज्य सरकार पर कोयला और लौह अयस्क जैसे प्रमुख खनिजों पर भारी सेस व टैक्स लगाने का आरोप लगाते हुए कहा कि इससे झारखंड में कारोबार और उद्योगों की लागत बढ़ गई है। उन्होंने दावा किया कि कोयले पर प्रति टन कर 100 रुपये से बढ़ाकर 450 रुपये और लौह अयस्क पर 650 रुपये प्रति टन तक लगाया गया। इससे 30 टन क्षमता वाले हाइवा पर कोयले में करीब 13,500 रुपये और लौह अयस्क में लगभग 18,000 रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ता है। मरांडी के मुताबिक, बढ़ी लागत के कारण खरीदार झारखंड के बजाय ओडिशा और पश्चिम बंगाल का रुख कर रहे हैं तथा कुछ मामलों में विदेश से खनिज मंगाया जा रहा है। बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि इस स्थिति का सीधा असर राज्य के वैध खनन और खनिज कारोबार पर पड़ा है। उन्होंने कहा कि केंद्र के नए प्रावधानों से मनमाने सेस और टैक्स पर रोक लगेगी तथा खनन क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ेगी। झामुमो-कांग्रेस पर निशाना साधते हुए मरांडी ने कहा कि जब वैध खनन पर मनमाना टैक्स नहीं लगेगा और अवैध कारोबार पर शिकंजा कसेगा, तो विरोध करने वालों की अवैध कमाई का रास्ता बंद होगा। उन्होंने साहिबगंज में अवैध पत्थर खनन के मामलों का उल्लेख करते हुए राज्य सरकार से खनन क्षेत्र में पारदर्शिता और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की।

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