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April 19, 2026 12:03 am

चार महीने से मजदूरी नहीं, भुखमरी की कगार पर मनरेगा मज़दूर।

संघ का पुनर्गठन, आंदोलन की चेतावनी।

पाकुड़िया (पाकुड़): प्रखंड मुख्यालय स्थित डाकबंगला परिसर में शनिवार को मनरेगा मज़दूरों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में मज़दूर संघ का पुनर्गठन करते हुए सर्वसम्मति से लालबाबू अंसारी को अध्यक्ष, दीपक कुमार साह को सचिव, जबकि सेफुल अंसारी, नेगार अंसारी को पदाधिकारी एवं मुकद्दस आलम को मीडिया प्रभारी चुना गया। बैठक में बड़ी संख्या में मज़दूर और मिस्त्री शामिल हुए। इस दौरान मज़दूरों ने अपनी समस्याओं को मजबूती से उठाते हुए बताया कि जनवरी 2026 से अब तक उन्हें मजदूरी का भुगतान नहीं मिला है। लगातार चार महीने से भुगतान लंबित रहने के कारण उनकी आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो गई है। मज़दूरों ने कहा कि हालात ऐसे हो गए हैं कि घर चलाना मुश्किल हो गया है। कई परिवारों के पास राशन खरीदने तक के पैसे नहीं हैं, बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और इलाज कराना भी संभव नहीं रह गया है। मज़दूरों ने यह भी बताया कि वर्तमान में उन्हें 282 रुपये प्रतिदिन की दर से मजदूरी मिलती है, जो बढ़ती महंगाई के बीच बेहद कम है। ऊपर से समय पर भुगतान नहीं होने से उनकी परेशानी और बढ़ गई है। मज़दूर संघ ने सरकार से मजदूरी दर बढ़ाकर कम से कम 400 रुपये प्रतिदिन करने की मांग की है। साथ ही क्षेत्र में नई योजनाएं शुरू करने और लंबित भुगतानों का शीघ्र भुगतान करने की मांग उठाई गई।
बैठक में चेतावनी दी गई कि यदि जल्द ही समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो सभी मज़दूर एकजुट होकर आंदोलन करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। संघ के पुनर्गठन के साथ ही मज़दूरों ने अब संगठित होकर अपने हक की लड़ाई लड़ने का निर्णय लिया है, ताकि उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान हो सके।

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