दिल्ली में दो दिवसीय नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन का शुभारंभ, एआई, आईटी, डिजिटल गवर्नेंस और निवेश को लेकर बनी विकास की नई रूपरेखा।
रांची/नई दिल्ली। झारखंड को खनिज आधारित राज्य की छवि से आगे बढ़ाकर ज्ञान, नवाचार और आधुनिक तकनीक का केंद्र बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बुधवार को नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन का उद्घाटन करते हुए कहा कि झारखंड की पहचान केवल माइंस से नहीं, बल्कि माइंड्स से भी होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड ने देश को केवल खनिज संपदा ही नहीं, बल्कि बौद्धिक पूंजी भी दी है। अब समय आ गया है कि राज्य की पहचान केवल संसाधनों और खनन तक सीमित न रहे, बल्कि अनुसंधान, नवाचार, तकनीक और ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित हो। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य समावेशी, सतत और रोजगारपरक विकास सुनिश्चित करना है। सूचना प्रौद्योगिकी, उद्योग एवं पर्यटन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कंसल्टेशन के पहले दिन आईटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), डिजिटल गवर्नेंस और भविष्य की तकनीकों पर विस्तृत मंथन हुआ। इसमें देश-विदेश की प्रमुख आईटी कंपनियों, उद्योग जगत, नीति निर्माताओं और तकनीकी विशेषज्ञों ने भाग लेकर झारखंड के विजन-2050 को लेकर अपने सुझाव दिए।
बैठक में माइक्रोसॉफ्ट, गूगल और आईबीएम के प्रतिनिधियों ने झारखंड में डिजिटल इकोसिस्टम को मजबूत करने, आईटी निवेश बढ़ाने तथा भविष्य की तकनीकों के अनुरूप राज्य को तैयार करने के लिए विस्तृत प्रस्तुतियां दीं।
कार्यक्रम के दौरान झारखंड एआई पॉलिसी, इन्वेस्टमेंट प्रमोशन पॉलिसी, टूरिज्म पॉलिसी, टेक्सटाइल पॉलिसी, जियाडा रेगुलेशंस और पीपीपी पॉलिसी के कॉन्सेप्ट पेपर हितधारकों के समक्ष प्रस्तुत किए गए। इन पर उद्योग जगत और विशेषज्ञों से सुझाव मांगे गए, ताकि इन्हें अधिक प्रभावी और निवेशक-अनुकूल बनाया जा सके। सरकार और उद्योग जगत के बीच बिजनेस-टू-गवर्नमेंट (बी2जी) संवाद भी आयोजित किया गया, जिसमें आईटी, एआई, डिजिटल गवर्नेंस और आधुनिक तकनीकों के क्षेत्र में निवेश एवं साझेदारी की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि हितधारकों से प्राप्त सुझावों के आधार पर ऐसी नीतियां तैयार की जाएंगी, जो निवेश आकर्षित करने के साथ-साथ बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन और राज्य के समग्र विकास को नई गति दें। कार्यक्रम में मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, इरफान अंसारी, संजय कुमार यादव और सुदिव्य कुमार सहित राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, उद्योग प्रतिनिधि और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ मौजूद रहे। मुख्य सचिव अविनाश कुमार ने तकनीक आधारित सुशासन की आवश्यकता पर बल दिया, जबकि विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।






