रामकुमार भगत
पाकुड़। भारत सरकार, एमएसएमई मंत्रालय के शाखा एमएसएमई -विकास कार्यालय,धनबाद द्वारा पाकुड़ जिले में पीएम विश्वकर्मा योजना पर आधारित एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसका उद्घाटन राजकीय आईटीआई, सोनाजोड़ी,पाकुड़ में मुख्य अतिथि उद्योग महाप्रबंधक डॉ कमलेश कुमार सिंह, जिला उद्योग केंद्र, साहेबगंज एवं उपस्थित अतिथियों के द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। दीपक कुमार सहायक निदेशक कार्यक्रम के उद्देश्य एवं रूप-रेखा से अवगत कराते हुए बताया कि पीएम विश्वकर्मा योजना में 18 पारंपरिक विदयाओं में कार्य करने वाले कारीगर और शिल्पकार सम्मिलित है। कारपेंटर, नाव बनाने वाले, अस्त्र बनाने वाले, लोहार, ताला बनाने वाले, हथौड़ा और टूलकिट बनाने वाले, सुनार, कुम्हार, मूर्तिकार, मोची, राजमिस्त्री, डलिया, चटाई, झाडू बनाने वाले, गुड़िया और खिलौने बनाने वाले, नाई, मालाकार, धोबी, दर्जी, मछली का जाल बनाने वाले शामिल हैं।उन्होंने यह भी बताया कि इस योजना के तहत चयनित लाभार्थियों को 5-7 दिन का प्रशिक्षण एवं रुपए 500/- प्रतिदिन की दर से स्टाइपेड देय होगा तथा प्रशिक्षण उपरान्त टूल किट हेतु 15 हजार रुपए ई-वाउचर के रूप में प्राप्त होंगे। प्रथम चरण में एक लाख रुपए तक का ऋण तथा द्वितीय चरण में दो लाख रुपए तक का कोलेटरल फ्री ऋण (5 प्रतिशत ब्याज की दर से) की व्यवस्था की गई है। प्रशिक्षण प्राप्त करने पर पीएम विश्वकर्मा प्रमाण-पत्र और पहचान पत्र उपलब्ध कराए जाएंगे। जिला उद्योग महा प्रबंधक डॉ कमलेश कुमार सिंह ने कहा कि भारत सरकार की ओर से प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना, विश्वकर्मा जयंती दिनांक-17 सितम्बर, 2023 को प्रधानमंत्री जी के द्वारा डिजिटली लाँच (लागू) की गई थी। भारत सरकार के द्वारा इस योजना को प्रारंभ करने का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक शिल्पकारों और कारीगरों को आर्थिक सहायता एवं उन्नत उपकरण प्रदान करते हुए उनके व्यवसाय में बढ़ोतरी कराना है।नितेश नारायण, मुख्य प्रबंधक, एसबीआई, पाकुड़ ,जिला प्रबंधक सुश्री संतोशिला हेम्ब्रम,ने विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।






