राजकुमार भगत
झालसा रांची के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकार पाकुड़ के तत्वावधान में नवगठित कानून सेवा इकाई अभिविन्यास के सदस्यों के लिए मानसिक बीमारी एवं बौद्धिक दिव्यांगता व्यक्ति के हित से संबंधित दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत हुई। इस कार्यक्रम का उद्घाटन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार पाकुड़ शेषनाथ सिंह ने किया। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश शेषनाथ सिंह ने कहा कि मानसिक रूप से बीमार और मानसिक अशक्तता से ग्रस्त व्यक्ति सभी मानवीय अधिकार और मौलिक स्वतंत्रता के हकदार हैं। उनके हित में यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि वे अपने मानवीय अधिकारों और मौलिक स्वतंत्रता का पूर्ण और समान आनंद ले सकें। उन्होंने आगे कहा कि मानसिक अशक्तता ग्रस्त व्यक्तियों को उनके यौन उत्पीड़न सहित शोषण की रोकथाम करने में सहायता करनी चाहिए और दुर्व्यवहारियों एवं शोषकों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए। इस कार्यक्रम में नवगठित कानूनी सेवा इकाई एलएसयूसी के सदस्यों को ऐसे मानसिक रूप से बीमार व्यक्ति को चिन्हित कर उन्हें बेहतर स्वास्थ्य, एवं सुरक्षा को लेकर संबंधित विभाग, व पुलिस प्रशासन या जिला विधिक सेवा प्राधिकार पाकुड़ को सूचना देने की बात कही गई। ऐसे व्यक्तियों के साथ संवेदनशील होकर उनके हित में कार्य करने और भेदभाव नहीं करने को लेकर कई बिंदुओं पर प्रकाश डाला गया।
मौके पर सचिव अजय कुमार गुड़िया, अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी विशाल मांझी, अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी सदिश उज्जवल बेक, प्रभारी न्यायाधीश विजय कुमार दास, नवगठित कानूनी सेवा इकाई के सदस्य, समेत अन्य उपस्थित रहे।






