कट चुकी है धान की फसल, खुदरा बाजार में अभी कीमत मात्र ₹1700 प्रति क्विंटल।
यासिर अराफ़ात
पाकुड़ : विधानसभा चुनाव संपन्न हो चुके हैं. 28 नवंबर को झारखंड में दोबारा मुख्यमंत्री के तौर पर हेमंत सोरेन शपथ लेने वाले हैं. अब लोगों की निगाहें महागठबंधन के उन वादों पर टिकी हुई है जो वादे चुनाव से पूर्व किए गए थे. उनमें से एक वादा किसानों के लिए था. सरकार की तरफ से किसानों की धान की फसल की न्यूनतम मूल्य(ऍम एस पी ) 3200 रुपए प्रति क्विंटल करने का वादा किया गया था.अभी पाकुड़ और साहिबगंज जिला के क्षेत्र में धान की फसल कट चुकी है. क्षेत्र के किसान धान की कटाई करने के पश्चात अब इस उम्मीद में है कि सरकार जल्द से जल्द बन जाए और धान की न्यूनतम सरकारी मूल्य किसानों को मिले. जानकारी के अनुसार इस समय क्षेत्र में बंगाल के कुछ कुछ लोग धान की खरीदारी करने क्षेत्र में आ रहे हैं. लेकिन धान की कीमत इस समय सिर्फ ₹1700 प्रति क्विंटल दिया जा रहा है जो किसानों के लिए भारी निराशा की बात है. लोगों की निगाहें अब सरकार पर टिकी हुई है, कि जल्द से जल्द सरकार बने और धान सरकारी कीमत पर बेचकर अपनी मेहनताना अपने परिवार को सौंप सके.






