पाकुड़ | जिले में किशोर-किशोरियों के समग्र विकास और मानसिक सशक्तिकरण को लेकर एक अहम पहल के तहत शुक्रवार को सदर प्रखंड स्थित सीएमटीसी में एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम पीसीआई, यूनिसेफ, सीसीआर, एनयूएसआरएल और जेएसएलपीएस के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ। प्रशिक्षण में लिट्टीपाड़ा, हिरणपुर एवं सदर प्रखंड के जेंडर सीआरपी, पीवीटीजी चेंज मेकर्स के साथ-साथ केकेएम कॉलेज के एनएसएस एवं एनसीसी कैडेट्स को बतौर फैसिलिटेटर शामिल किया गया। कार्यक्रम का मुख्य फोकस “शारीरिक छवि (बॉडी इमेज), आत्मसम्मान एवं परिवार आधारित देखभाल” जैसे संवेदनशील और समसामयिक विषयों पर रहा। कार्यक्रम का उद्देश्य 15 से 21 वर्ष आयु वर्ग के किशोर-किशोरियों में सकारात्मक सोच विकसित करना, आत्मसम्मान को मजबूत करना और परिवार आधारित देखभाल के महत्व को समझाना था। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को बताया गया कि कॉमिक्स, समूह संवाद और सहभागितापूर्ण गतिविधियों के जरिए इन विषयों को सरल, प्रभावी और रोचक तरीके से समुदाय तक कैसे पहुँचाया जा सकता है। इस दौरान जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी व्यास ठाकुर ने मिशन वात्सल्य योजना के तहत बच्चों के अधिकारों और बाल संरक्षण इकाई द्वारा प्रदान की जा रही विभिन्न सेवाओं की विस्तृत जानकारी दी। वहीं, संरक्षण पदाधिकारी (गैर संस्थागत देखभाल) राजेश कुमार मंडल ने स्पॉन्सरशिप एवं फोस्टर केयर के लिए पात्र परिवारों की पहचान से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें साझा कीं।
प्रशिक्षण को और प्रभावी बनाने के लिए समूह चर्चा, गतिविधि आधारित सत्र और व्यवहारिक उदाहरणों का सहारा लिया गया, जिससे प्रतिभागियों ने विषयों को गहराई से समझा और अपने अनुभव भी साझा किए।
कार्यक्रम के मुख्य प्रशिक्षक के रूप में डीपीसी मोहम्मद अनीस ने सत्रों का सफल संचालन किया। वहीं, जेएसएलपीएस पाकुड़ के बीपीएम उमेश जी और सीएफ आईपी सवीना यासमीन ने आयोजन में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया। कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागियों ने संकल्प लिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में प्राप्त ज्ञान को व्यवहार में उतारेंगे और समुदाय में किशोर-किशोरियों एवं महिलाओं के आत्मसम्मान को सुदृढ़ करने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। साथ ही, सकारात्मक शारीरिक छवि को बढ़ावा देने और परिवार आधारित देखभाल की अवधारणा को जन-जन तक पहुँचाने का भी संकल्प लिया।







