राहुल दास
हिरणपुर (पाकुड़): बीते शनिवार को रात भर जमकर हुई मूसलधार बारिश से कृषको के मुहार पर खुशियां लौट आई। खेती के समय इस वर्ष पहली बार खेतो में लबालब पानी भर गया। सुबह होने साथ कृषक धान रोपाई को लेकर लगे रहे। इस वर्ष बारिश की कमी की पूर्व से ही अनुमान वैज्ञानिकों द्वारा व्यक्त किया गया था। शुरुवाती समय मे सामान्य बारिश हुई थी। उस वक्त कृषको ने खेतो में बीज डाला था , पर इसके बाद बारिश न होने से कृषको में बेचैनी छा गया था। खेतो में लगे बिचड़ा भी सूखने लगा था। रानीपुर , देवपुर , जामपुर , डांगापाड़ा सहित कई जगहों में नदी ,नाला की पानी पटवन कर किसी तरह रोपाई कार्य किया था। पर अधिकांश जगहों में रोपाई कार्य अधर में पड़ा हुआ था। बारिश की पानी से निर्भर खेतो की स्थिति जटिल बनी हुई थी। सिचाई की कोई व्यवस्था न रहने से कृषक परेशान थे। बिचड़ा तैयार रहने के बावजूद रोपाई कार्य पानी अभाव में नही कर पा रहा था , पर रात को हुई मूसलधार बारिश से सुबह से ही रोपाई कार्य मे काफी तेजी आ गई। वही धान रोपाई कार्य मे मजदूरों की पारिश्रमिक में जमकर वृद्धि हो गई। जहां रोपाई कार्य मे प्रति श्रमिक 300 रुपये दिया जाता था , अब बढ़कर 500 -600 रुपये तक हो चुका है। सुबह होने साथ कृषको द्वारा मूल्य बढ़ोत्तरी की परवाह किये बिना श्रमिको को रोपाई कार्य मे लगाते देखा गया। इसमे भी श्रमिको की काफी कमी देखी गई। वही कृषको ने बताया कि इस वर्ष खेती कार्य काफी महंगी साबित हो रहा है। एक ओर रसायनिक खाद की दामो में वृद्धि हुई , वही रोपाई कार्य को लेकर दुगुनी राशि की भुगतान करना पड़ रहा है। बारिश नियमित रूप से होती तो मजदूरी दर नही बढ़ता। बहरहाल कृषक इस बारिश को देखते हुए एनकेन प्रकार रोपाई कार्य को पूरा करने के लिए एडिचोटी लगाए हुए है।





