पाकुड़: जिला उद्योग केंद्र, पाकुड़ के सभागार में रैंप योजना के तहत प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) पर एक दिवसीय जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। शिविर का उद्देश्य युवाओं, उद्यमियों और स्वरोजगार से जुड़े लोगों को खाद्य प्रसंस्करण उद्योग से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करना था।
कार्यक्रम में प्रतिभागियों को उद्यम पंजीकरण, योजना के लाभ, आवेदन प्रक्रिया, बैंकिंग सहायता और वित्तीय अनुदान की पूरी जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि स्थानीय उत्पादों के प्रसंस्करण से न सिर्फ उनकी कीमत बढ़ती है, बल्कि रोजगार और आय के नए अवसर भी पैदा होते हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है।
इस मौके पर ईओडीबी प्रबंधक पुनम बर्मन ने कहा कि पीएमएफएमई योजना के तहत खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना पर सरकार 35 प्रतिशत तक अनुदान देती है। उन्होंने युवाओं और उद्यमियों से इस योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की।
शिविर के दौरान मौके पर ही 5 पीएमएफएमई पंजीकरण किए गए, 2 मामलों को डीआरपी से डीएनओ स्तर तक भेजा गया और 1 आवेदन को स्वीकृति देकर भुगतान भी किया गया। इसके अलावा 24 नए आवेदन प्राप्त हुए। कार्यक्रम में कुल 56 प्रतिभागियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में जेएसएलपीएस के डीपीएम प्रवीण मिश्रा, आरसेटीआई के संकाय प्रभारी अमित बर्धन, मुख्यमंत्री लघु एवं कुटीर उद्योग विकास बोर्ड के प्रखंड उद्यमी समन्वयक समेत संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।






