बच्चों के भविष्य की चिंता सरकार को होनी चाहिए,इस मामले को लेकर शिक्षा पदाधिकारी भी गंभीर नहीं।
बजरंग पंडित
पाकुड़: पाकुड़िया प्रखंड क्षेत्र के प्राइमरी, उत्क्रमित और मिडिल स्कूलों में कार्यरत छः सरकारी शिक्षक इस साल जनवरी में रिटायर हो जाएंगे। इसका असर सीधे तौर पर पठन-पाठन पर पड़ेगा। एक तरफ प्राइमरी और मिडिल स्कूलों के लिए सरकार शिक्षकों की बहाली नहीं कर रही है, दूसरी तरफ सेवानिवृत्ति का सिलसिला जारी है। इस तरह शिक्षकों की संख्या लगातार घट रही है। वहीं स्कूलों में छात्रों की संख्या बेतहाशा बढ़ रही है। अगर सरकार इस दिशा में कदम नहीं उठाती है, तो शिक्षा व्यवस्था और ज्यादा कमजोर हो सकती है।इसके लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं शिक्षा विभाग के पदाधिकारी को सार्थक पहल करना होगा। मिली जानकारी के मुताबिक इस साल 31 जनवरी को मध्य विद्यालय मोंगलाबांध के दो सरकारी शिक्षक प्रदीप कुमार साहा , आदिनाथ मुखर्जी, उत्क्रमित मध्य विद्यालय खक्सा के एक शिक्षक सिसिलिया हेंब्रम, प्राइमरी विद्यालय ओरपाड़ा के लखीराम किस्कू , प्राइमरी विद्यालय उदयपुर के कन्हैयालाल सेवानिवृत हो जाएंगे। इस तरह जनवरी और फरवरी महीने में प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों में कुल छः सरकारी शिक्षक सेवानिवृत हो रहे हैं। पूर्व से ही शिक्षकों की कमी झेल रही इन स्कूलों के शिक्षकों के रिटायर होने से पठन-पाठन पर काफी असर पड़ेगा। खास कर मध्य विद्यालय मोंगलाबांध में लगभग नामांकित 419 बच्चों में चार शिक्षक में से मात्र दो शिक्षक रह जाएंगे । अभिभावकों ने जनप्रतिनिधियों, प्रशासन और सरकार से प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में जल्द से जल्द शिक्षकों की बहाली करने की मांग की है ।






