सुदीप कुमार त्रिवेदी
कहते हैं कि दिल में उड़ान भरने की ललक हो तो परवाज खुद ब खुद पर बन जाते हैं, उक्त पंक्ति सटीक बैठती है पाकुड़ की इस पथरीली ज़मीन से उभरते नवोदित खिलाड़ी दिवाकांत पांडे पर, जिसने क्रिकेट को अपनी उड़ान भरने का आसमान व हौसले को परवाज बनाया । मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखने वाले इस खिलाड़ी की पारिवारिक पृष्ठभूमि की बात करें तो इसके परिवार में कोई भी खेल जगत से जुड़ा हुआ नहीं है लेकिन गणित विषय से पोस्ट ग्रेजुएशन कर रहे इस खिलाड़ी के मन में बाल्यावस्था में ही क्रिकेट के प्रति दीवानगी का अंकुरन हो गया जो आजतक लगातार अपने क्रमागत विकास के क्रम में लगा हुआ है । आठ वर्ष पूर्व अपने पिता को खो चुके इस खिलाड़ी ने पाकुड़ की ज़मीन के अलावे अपने क्रिकेट का जलवा क्रमशः मालदा, रामपुरहाट, बोलपुर व भागलपुर में भी बिखेरा है । एक सवाल के जबाब में दिवाकांत ने बताया कि मालदा में आयोजित क्रिकेट मैच में सूजापुर इलेवन टीम की ओर से खेलते हुए मात्र छब्बीस गेंद पर इन्होने अठासी रनों की धुँआधार पारी खेलते हुए लगभग लगभग हार की कगार तक पहुंच चुकी अपनी टीम को विजयश्री दिलवाया। 2023 के दिसंबर माह में पाकुड़ जिला मुख्यालय में खेले गए मैच में बतौर विकेट कीपर इन्होने बेहतरीन प्रदर्शन किया जिसके आधार पर दिवाकांत पांडे का चयन 2024 के अप्रैल में राँची में आयोजित होने वाले क्रिकेट मैच में बतौर विकेट कीपर व बल्लेबाज के रूप में किया गया है । संघमित्रा क्रिकेट क्लब के इस खिलाड़ी ने कहा का पाकुड़ मे खेल जगत को लेकर पाकुड़ डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन का रूख बहुत ही सकारात्मक रहा है एवं पीडीसीए के सदस्य आशुतोष यादव बतौर कोच के रूप में नवोदित खिलाड़ियों का काफी उत्साहवर्धन करते हैं । सर्व शिक्षा अभियान के तहत कार्य करने वाले दिवंगत पिता स्वर्गीय सुबोध कुमार पांडे के खिलाड़ी पुत्र दिवाकांत ने बताया कि फिलवक्त उसका लक्ष्य स्टेट टीम में खेलने का है, जिसको पूरा करने के लिए वो क्रिकेट के लिए पूरी जान लगा चुके हैं ।





