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May 31, 2026 2:46 pm

पत्थर साइडिंग मार्गों पर अवैध उगाही से गाड़ी मालिक परेशान, कार्रवाई की मांग तेज

तीन थाना क्षेत्रों में हर ट्रिप पर करीब 3000 रुपये की ‘रंगदारी’ से परिवहन व्यवसाय बेपटरी

विरोध करने पर चालकों से अभद्र व्यवहार और गाड़ियों को नुकसान पहुंचाने का आरोप

पाकुड़ जिले के विभिन्न पत्थर साइडिंग क्षेत्रों में आने-जाने वाली मालवाहक गाड़ियों से कथित रूप से होने वाली अवैध वसूली का धंधा अब एक गंभीर समस्या बन चुका है। स्थानीय दबंगों के हौसले इतने बुलंद हैं कि मुख्य मार्गों पर गाड़ियों को जबरन रोककर मोटी रकम वसूली जा रही है। इस अवैध ‘रंगदारी’ के कारण गाड़ी मालिकों और चालकों की कमर टूट चुकी है, जिससे पूरे परिवहन व्यवसाय पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।सूत्रों से मिली पुख्ता जानकारी के अनुसार, हिरणपुर, मालपहाड़ी और पाकुड़ नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले विभिन्न मार्गों पर हर ट्रिप में गाड़ी मालिकों को लगभग 3000 रुपये की अवैध राशि गंवानी पड़ रही है।

इन इलाकों में सक्रिय है अवैध वसूली का नेटवर्क

वाहन संचालकों और चालकों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि खाली और लोडेड दोनों ही तरह की गाड़ियों को निशाना बनाया जा रहा है। अवैध उगाही का यह खेल मुख्य रूप से तीन थाना क्षेत्रों के इन ठिकानों पर धड़ल्ले से चल रहा है
हिरणपुर थाना क्षेत्र के बनपोखरिया मार्ग पर अलग-अलग 6 जगहों पर गाड़ियां रोकी जाती हैं और प्रति गाड़ी 200 रुपये की दर से वसूली होती है।मालपहाड़ी थाना क्षेत्र के पोचाथोल पानी टंकी के पास 2 जगहों पर कमान थामे दबंग प्रति गाड़ी 500-500 रुपये (कुल 1000 रुपये) जबरन वसूल रहे हैं।पाकुड़ नगर थाना क्षेत्र के शिवतल्ला इलाके में 3 अलग-अलग जगहों पर नाका लगाकर प्रति वाहन 100-100 रुपये वसूले जा रहे हैं।एक पीड़ित वाहन संचालक ने बताया कि एक ही ट्रिप के दौरान कई स्थानों पर भुगतान करना पड़ता है। विरोध करने पर दबंग गाड़ी को घंटों सड़क किनारे खड़ी कर देते हैं, चालकों के साथ दुर्व्यवहार करते हैं और कई बार गाड़ियों को नुकसान भी पहुंचाया जाता है।

चालकों में भय का माहौल, उद्योग पर संकट

गाड़ी मालिकों का आरोप है कि यह काली कमाई का खेल लंबे समय से बेखौफ चल रहा है। दबंगों के खौफ के कारण अधिकांश चालक खुलकर शिकायत करने से भी कतरा रहे हैं। स्थानीय व्यवसायियों का कहना है कि यदि सड़कों पर इस प्रकार गुंडा टैक्स की वसूली जारी रही, तो इसका सीधा और घातक असर पाकुड़ के प्रसिद्ध पत्थर उद्योग और उससे जुड़े हजारों परिवारों की आजीविका पर पड़ेगा।
परिवहन संघ और स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन एवं पुलिस कप्तान से मांग की है कि इन चिह्नित स्थलों पर तत्काल गुप्त जांच कराकर दोषियों को जेल भेजा जाए और सड़कों को इस अवैध बाधा से मुक्त कराया जाए.

इस संबंध में पाकुड़ एसडीपीओ कुमार गौरव ने कहां कि इस संबंध में मुझे जानकारी नहीं है। आपके माध्यम से मुझे सूचना मिली है मैं त्वरित कार्रवाई कर इस समस्या का समाधान निकालूंगा एवं दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।

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